यशपाल शर्मा, लुधियाना
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) की ओर से ब्राइटकॉम ग्रुप पर शिकंजा कसे जाने के बाद अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने विदेशी प्रावधानों के तहत उक्त कंपनी के हैदराबाद स्थित पांच लोकेशन पर तलाशी लेते हुए 3.30 करोड़ की नगदी व 9.30 करोड़ की सोना ज्वैलरी सीज की है। इतने बडे़ स्तर पर ये नगदी व गोल्ड ज्वैलरी कंपनी के आडिटर पी. मुरली मोहना राव के निवास से बरामद हुई है। ईडी की ओर से बीत 23 अगस्त को ओर से ब्राइटकॉम ग्रुप पर ये सर्च अभियान छेड़ा था, जिसमें कंपनी के सीईओ कंपनी के सीईओ एम सुरेश रेड्डी और सीएफओ एसएलएन राजू, कंपनी के ऑडिटर पी. मुरली मोहना राव का आवास और कार्यालय में ये सर्च की गई थी। सेबी की ओर से उक्त कंपनी की विदेशी ट्रांसजंक्शन को लेकर कईं तरह के सवाल खडे़ करते जांच शुरु की थी, जिसके बाद ईडी ने भी फेमा के तहत जांच शुरु कर दी है।
--ब्राइटकॉम ग्रुप पर लगें हैं इस तरह के आरोप
ब्राइटकॉम ग्रुप ने विदेश में अपनी सहायक कंपनियों के माध्यम से 868.30 करोड़ रु. की संपति को इंपेयरमेंट करने के घेरे में आई हैं और ईडी की पूछताछ में ये खुलासा हुआ है कि ब्राइटकॉम ने स्वयं सहायक कंपनियों और नाली संस्थाओं के माध्यम से राउंडट्रिपिंग के जरिए इस पूरे स्कैम को अंजाम दिया। जबकि सेबी को मनघडंत बैंक विवरण प्रदान किए जाते रहे। इसमें ये भी सामने आया कि ब्राइटकॉम की ओर से करीब तीन सौ करोड़ रुपए से ज्यादा सहायक कंपनियों को ऋण के रूप में दिए गए और जिसका पूरा हिसाब भी कंपनी नहीं दे पाई है। जांच में ये भी सामने आया है कि वैधानिक लेखा परीक्षक, मेसर्स पी मुरली एंड कंपनी और मेसर्स पीसीएन एंड एसोसिएट्स की इस पूरी धोखाधड़ी में कंपनी के प्रबंधन/प्रवर्तक के साथ मिलीभगत रही है।
Ed-Raids-On-Brightcom-Group-More-Than-3-Crore-Cash-And-9-Crore-Gold-Jewelery-Seized