यशपाल शर्मा, लुधियाना कांग्रेस आलाकामान ने एकाएक पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रधान सुनील जाखड़ को छोड़ पूरे प्रदेश संगठन के ओहदेदारों व कार्यकारिणी को तुरंत प्रभाव से भंग कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक संगठन के बहुत से नेता सरकार में एडजस्ट हो गए हैं और वे संगठन व सरकार के दोनों पद हासिल करके बैठ गए हैं और इसी के चलते कांग्रेस आलाकामान ने एकाएक पंजाब प्रदेश की पूरी कार्यकारिणी को भंग कर दिया। ये आदेश आल इंडिया कांग्रेस कमेटी के नेशनल जरनल सेक्रेटरी केसी वेणुगोपाल की ओर से जारी किया गया है। इसके साथ साथ आलाकामान ने इसके बाद एक अन्य आदेश जारी करते हुए पंजाब के लिए एक 11 मेंबरी कोर कमेटी भी बना दी जो पार्टी व सरकार के बीच में बेहतर तालमेल बनाने का काम करेगी। सीनियर नेता आशा कुमारी इस कमेटी की चेयरपर्सन रहेंगी और इसके अलावा इसमें पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह, प्रदेश प्रधान सुनील जाखड़, एआईसीसी के महासचिव अंबिका सोनी, मंत्री चरणजीत सिंह चन्नी,मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा,मंत्री सुखजिंदर सिंह सकारिया, मंत्री विजयइंद सिंगला, पीसीसी के महासचिव कैप्टन संदीप संधू, एआइ्रसीसी के सचिव व विधायक कुलजीत नागरा व एआईसीसी के सचिव व विधायक गुरकीरत कोटली इसमें शामिल हैं। वहीं राजनीति के कईं जानकार कांग्रेस में एकाएक इतने बडे़ स्तर को पार्टी के भीतर चल रही राजनीतिक खींचतान का भी हिस्सा मान रहे हैं। उनका मानना है कि पंजाब के ही कईं दिग्गज नेताओं की ओर से महंगी बिजली पर सरकार पर अंगुलियां उठाई हैं और खुद सोनिया गांधी ने भी पंजाब में महंगी बिजली होने का कारण पूछा था। ऐसे में सरकार व पार्टी के बीच में चल रहे इस घमासान का नुकसान किस किस को उठाना पड़ सकता है, इसका आंकलन अगले 15 दिनों के भीतर लग जाएगा।
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