यशपाल शर्मा, लुधियाना पंजाब भाजपा की कमान बतौर प्रधान अश्विनी शर्मा के हाथों में आने के बाद भाजपा जिला प्रधान के नाम को लेकर भी समीकरण बदलते दिखाई देने लगे हैं। जहां पहले जिला प्रधान के नामों में कमल चैतली और रजनीश धीमान का नाम लिया जा रहा था , वहीं अब इन नामों के साथ भाजपा के पूर्व जिला प्रधान रहे राजीव कतना का नाम भी तेजी से आगे आ गया है। असल में जब अश्विनी शर्मा के पास वर्ष 2012 में पंजाब की कमान थी तब लुधियाना में भाजपा की कमान राजीव कतना के पास थी। बताया जाता है कि अब कतना को भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रोफेसर राजेंद्र भंडारी और भाजपा के मौजूदा उपाध्यक्ष जीवन गुप्ता का समर्थन मिल रहा है , जिसके चलते उनके दावे को भी बेहद मजबूत आंका जा रहा रहा है । पंजाब की कमान मिलने के बाद अश्विनी शर्मा 10 फरवरी को और पहली बार लुधियाना पहुंच रहे हैं और भाजपा के स्टेट और लोकल नेता उनके जोर शोर से वेलकम करने की पूरी तैयारियों में जुट चुके हैं ।10 फरवरी को उनके दौरे से यह भी कुछ हद तक साफ हो जाएगा कि लुधियाना से भाजपा का अगला जिला प्रधान कौन होगा। प्रोफेसर भंडारी गुट से पहले सुनील मौदगिल का नाम जिला प्रधान के तौर पर आगे किए जा रहा था, लेकिन बाद में उनकी ओर से ही राजीव कतना का नाम आगे बढ़ाया गया है। इस बार भाजपा ने पार्षद चुनाव में भी कतना को उतारा था, लेकिन वह इसमें कामयाब नहीं हो पाए थे और अगर ऐसे में अब उनको जिला प्रधान की जिम्मेदारी सौंपी जाती है तो उनके लिए भी भाजपा में फैली गुटबाजी दूर करना इतना आसान नहीं रहेगा । गौर हो कि भाजपा के मौजूदा जिला प्रधान जितेंद्र मित्तल की ओर से जिले की जिम्मेदारी संभालने के तुरंत बाद सबसे पहले भाजपा की गुटबाजी खत्म कर सबको एक साथ लेकर चलने का दावा किया गया था, लेकिन वह बुरी तरह से जिला प्रधानगी को चलाने में फेल होकर रह गए। मित्तल के आने के बाद यह कयास लग रहे थे कि जिस तरह से उनके पास संगठन का अनुभव है , उस लिहाज से वे पार्टी को बेहतर ढंग से चला पाएंगे लेकिन जिले की कमान मिलने के बाद वह पार्टी की गुटबाजी में ही दब कर रह गए।
Bjp-Politics-In-District-President-Election