ई न्यूज़ पंजाब, लुधियाना प्रदेश में कर्फ्यू के बावजूद पंजाब सरकार की और से इंडस्ट्री चलाने अनुमति देने का अब खुद इंडस्ट्रीलिस्ट और कारोबारी संगठनों ने विरोध शुरुबकर दिया है। इन संगठनों ने पंजाब सरकार का निर्णय को बिल्कुल गलत है। यद्यपि यह निर्धारित करता है, कि केवल उन कारखानों को कार्य करने की अनुमति होगी जहां लेबर कारखाने के परिसर में रहती है, यह जांचना बहुत मुश्किल है। फोकल पॉइंट इंडस्ट्री एसोसिएशन के प्रधान पंकज शर्मा ने प्रेस नोट जारी करते कहा है कि जब एक इंडस्ट्री चालू होगी तो कुछ ही दिनों में आधे उधोग चालू हो जाएंगे । इसके बाद लेबर भी अपने आप आनी शुरू हो जाएगी। दुर्भाग्य से हम लोगों में आत्म अनुशासन की भावना नहीं है, यहां तक कि शिक्षित लोगों के बीच में है। हमने पुलिस को कर्फ्यू लगाने के लिए लोगों की पिटाई करते देखा है। हमने विदेशों से आए लोगों को देखा है, लेकिन अपने स्वयं के परिवारों सहित सैकड़ों लोगों के जीवन को खतरे में डालकर, क्वारंटाइन के लिए नहीं जाते हैं। यह निर्णय यदि लागू किया गया, विनाशकारी होगा। हम संयुक्त राज्य अमेरिका, इटली, फ्रांस, इंग्लैंड और कई और देशों से सबक सीखें। हम वायरस की महामारी को बहुत हल्के में ले रहे हैं और यह बहुत खतरनाक हो सकता है। तालाबंदी पूरे देश के लिए है। अगर गरीब लोग बच सकते हैं, तो उद्योगपति क्यों नहीं? लॉकडाउन सिर्फ कुछ हफ्तों के लिए है, लेकिन हमारे पास जीवन भर कमाने के लिए है। आइए हम अपनी जान जोखिम में डालकर थोड़ी-बहुत कमाई करने के जाल में न फंसे। इस अवसर पर सुमन कपलिश, विकास गुप्ता, संजय गुप्ता, जे एस भोगल व अन्य कारोबारी मौजूद थे। वही लुधियाना फोकल पॉइंट एसोसिएशन फेज 4A के प्रधान राजन गुप्ता ने भी इंडस्ट्री डिपार्टमेंट के जीएम महेश खन्ना के पत्र लिख सरकार के इस फैसले का विरोध किया है। उन्होंने अपने पत्र में कहा कि इंडस्ट्री चैन एक्शन के तहत ही चलती है और फोकल में इंडस्ट्री के पास भी लेबर रूम की कोई व्यवस्ता नही है ऐसे में ये आर्डर कारोबारियों और लेबर के हक़ में नही है।
Industry Restart Order