केंद्र सरकार द्वारा महामारी कानून में सख्त प्रावधान जोड़ने का स्वागत करते हुए पंजाब कांग्रेस नेता परमिन्दर मेहता ने प्रधानमंत्री से मांग की है कि कोरोना पीड़ित के इलाज का खर्चा केंद्र व राज्य सरकारें मिल कर चुकाए।उन्होंने कहा कि इस महामारी में पीडितों का इलाज कर रहे डॉक्टरों व मैडिकल स्टाफ तथा लोगों की सुरक्षा व जरूरतें पूरा करने में लगे अन्य विभागों को हर संभव सहायता देने की घोणनाए केंद्र व राज्य सरकारों द्वारा की जा रही है, जो एक अच्छा कदम है। लेकिन पीड़ित की ओर भी ध्यान देने की जरूरत है। मेहता ने कहा कोरोना पीड़ित के इलाज के लिए अधिकतर प्राइवेट हॉस्पिटल लाखों रुपए के बिल लोगों को थमा रहे है। जिनमें भुगतान ना होने पर हॉस्पिटल ठीक होने या ना होने की सूरत में भी व्यक्ति को कथित तौर पर घर नही जाने दे रहे यह खबरें सुनी व पड़ीं जा सकती है।जोकि व्यक्ति के मौलिक अधिकारो के विपरीत है।जिसके तहत प्रत्यक व्यक्ति के स्वस्थ्या का ध्यान रखने तथा उसे भर पेट खाना देना केंद्र व राज्य सरकारों की ज़िम्मेदारी है।मेहता कहा देश मे इस महामारी में यहा जनता पूरी तरह सरकारो के साथ खड़ी नज़र आ रही है।प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री द्वारा दिए निर्देशो का पालन करने के साथ दोनों और से बनाए गए राहत फड़ों में जनता खुल कर पैसा दे रही है। जिनके साथ प्रत्येक क्षेत्र में एन जी ओ,समाजिक,धार्मिक, व्यापारिक सस्थाएं अपने अपने तौर पर भी जरूरतमंदों में सहायता भेंट कर रही है। उन्होंने जोर देकर कहा लॉक डाउन व कर्फ्यू से पहले ही देश की अधिक तर आबादी की आर्थिक नींव पूरी तरह हिल चुकी है।ऐसे में कोरोना पीड़ितों के इलाज में लाखों रुपए बिल आने की खबरों ने पहले से डरे इंसान को हिलाकर रख दिया है। मेहता ने कहा अगर सरकारों ने महामारी से पीड़ित लोगों का खर्चा उठाने की घोषणा नही की तो स्वयं आशंका होने पर भी कोई व्यक्ति जांच हेतु आगे नही आएगा, यह चिंता का विषय है। जिस पर तुरंत ध्यान दिया जाना चाहिए।
Congress Leader Parminder Mehta