पंजाब में एक बार फिर से लॉकडाउन की वापसी हो गई है। पंजाब में कोराेना का कहर एक बार शांत होने के बाद अब एक बार फिर से बढ़ते आंकड़ों को देखते पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शनिवार, रविवार और सरकारी छुटटी के दिन लॉकडाउन का एलान कर दिया है। इस एलान के तहत वीकएंड और सरकारी छुटटी के दिन डाक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ को छोड़ किसी भी व्यक्ति को सड़क पर उतरने के लिए कोवा एप से ई पास लेना होगा और उसके बाद ही कोई व्यक्ति सड़क पर उतर पाएगा। इससे साफ है कि अब शनिवार व रविवार और सरकारी छुटी के दिन सभी तरह की दुकानें बंद रहेंगी। लेकिन वहीं सरकार ने इस लाॅकडाउन से इंडस्ट्री को राहत दी है और वे सभी दिन अपना काम कर पाएंगे। हालांकि सरकार की आदेश पूरी तरह साफ तो नहीं है, लेकिन इस संबंधी सरकार की ओर से कल आने वाली एडवाइजरी से इसकी स्थिति पूरी तरह से साफ हो पाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे सख्त कदम विश्वभर में कोविड मामलों की भारी वृद्धि के चलते उठाए जाने अति आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि सख्त बन्दिशें ही महामारी के चरम को जितना संभव हो, उतना टाल सकती हैं। उन्होंने कहा कि इस वायरस को रोकने हेतु जल्द कोई दवा या इलाज न होने की संभावना को देखते हुए सिर्फ सख्त प्रोटोकाॅल ही महामारी के खिलाफ लड़ाई का एकमात्र रास्ता है। यह चेतावनी देते हुए कि महामारी आने वाले दिनों और हफ्तों में खतरनाक रूप धारन सकती है, मुख्यमंत्री ने मैडीकल और स्वास्थ्य माहिरों को कहा कि सख्त शर्तें लागू करें और दिल्ली से आने वालों के लिए लाजिमी टैस्ट सर्टिफिकेट को अमल में लाया जाये जहाँ कि बहुत चिंताजनक स्थिति बनी हुई है। डी.जी.पी. ने मीटिंग में बताया कि राष्ट्रीय राजधानी से पंजाब में रोजाना औसतन 500 से 800 वाहन आते हैं। मीटिंग के उपरांत सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि माहिरों द्वारा समीक्षा करने के बाद दिल्ली से आने वालों पर कड़ी रोक लगाने का फैसला किया गया। यह पक्ष सामने लाते हुए कि राज्य में बाहर से पहुँचे ज्यादातर व्यक्तियों द्वारा गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार किया गया और स्वास्थ्य अधिकारियों के पास रिपोर्ट नहीं की गई, मुख्यमंत्री ने कहा कि जहाँ जरूरत है, वहां सख्त फैसले लेने पड़ेंगे क्योंकि मामलों में वृद्धि अभी भी जारी है और आने वाले दिनों में और वृद्धि होने की संभावनाएं है। मुख्यमंत्री द्वारा सुझाया गया कि जब वायरस के लक्षण सामने आने को 3-4 दिन लगते हैं, इसलिए राज्य के बाहर के क्षेत्रों से आने वालों का सप्ताह के बाद टैस्ट किया जाये और इसी दौरान उनको सख्ती से अपने घरों में एकांतवास में रहने के लिए कहा जाये। उन्होंने घरों में एकांतवास को सख्ती से लागू करवाने को यकीनी बनाने के लिए पंजाब पुलिस के प्रमुख को निर्देश भी दिए। पंजाब पुलिस प्रमुख द्वारा बताया गया कि इसे लागू करवाने के लिए 550 पुलिस दस्ते काम कर रहे हैं।निजी अस्पतालों द्वारा कोविड मरीजों के इलाज और हस्पताल दाखिले की ज्यादा फीस लिए जाने संबंधी सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों के द्वारा मिली शिकायतों संबंधी मुख्यमंत्री द्वारा स्वास्थ्य विभाग को सी.जी.एच.एस रेट सख्ती के साथ लागू करवाने के लिए निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि बिस्तरों की उपलब्धता और अन्य आंकड़ों की जानकारी लोगों को दी जाये।पंजाब में राज्य के बाहर से बड़ी संख्या में लोगों के आने, हालांकि इनमें से पाॅजिटिव केस ज्यादा सामने नहीं आए, संबंधी अपनी चिंताएं प्रकट करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड के खिलाफ राज्य की लड़ाई के प्रति कोई ढील नहीं बरती जायेगी। स्वास्थ्य विभाग द्वारा पेश किये गए अनुमानों के अनुसार राज्य में इस महामारी का चरम अभी बाकी है और यदि मामलों के दुगने होने का समय घटने का यह रुझान रहा तो यह अगस्त के अंत में घटित होगा, को खासकर ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार के यत्न और बड़े पैमाने पर बढ़ाने की जरूरत है।
Return Of Lockdown Once Again In Punjab Shops Will Remain Closed On Saturday Sunday And Government Holiday