अब मेयर बलकार सिंह संधू के ओएसडी व वरिष्ठ कांग्रेसी नेता परमिंदर मेहता भी पंजाब के डीजीपी का जिम्मा सिद्धार्थ चटटोपाध्याय को देने की वकालत करते हुए पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के साथ आ खडे़ हुए है। अपने आफिस में एक प्रेसवार्ता बुला मेहता ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अगर सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय को पुलिस प्रमुख लगाया होता तो आज पंजाब में नशा बेचने वाले व आतंकी गतिविधियों में शामिल अपराधी तत्व कब के भाग खड़े हुए होते। इसके साथ ही बेअदबी के दोषी भी जेलों में बंद होते। पंजाब कांग्रेस के प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू की चट्टोपाध्याय को पंजाब पुलिस प्रमुख लगाने की मांग का खुलकर समर्थन करते हुए किया। उन्होंने कहा कि चट्टोपाध्याय जैसे कर्मठ व ईमानदार तथा कानून के अनुसार चलने वाले पुलिस अधिकारी के पंजाब पुलिस प्रमुख बनने पर राज्य के पुलिस बल का हौसला पहले से कही अधिक बुलंद होगा। मेहता ने कहा कि जब कैप्टन पहली बार मुख्यमंत्री बने थे। उस समय उन्होंने कई महत्त्वपूर्ण मामलों की जांच चट्टोपाध्याय को दी थी, जिन्होंने अपनी जांच रिपोर्ट में जो सच पाया। मेहता ने कहा कांग्रेस नेताओं ने आतंकवाद का दंश झेला था। उन्होने भी इनके हक में आवाज उठाई थी।उन्होंने कहा कि अकाली भाजपा सरकार में जिस प्रकार पंजाब पुलिस का राजनीतिक शोषण हुआ। इसके चलते राज्य में नशाखोरी, बेअदबी,कॉन्टेक्ट किलिंग जैसे गंभीर मामले सामने आए, जिनसे देश व विदेश में पंजाब के नाैजवानों की बदनामी तक हुई। मेहता ने रोष प्रकट करते हुए कहा कि दूसरी बार कैप्टन ने मुख्यमंत्री बनने के बाद पंजाब पुलिस को राजनीति जाल से मुक्त करने की बजाए ना सिर्फ चट्टोपाध्याय की वरिष्ठता को नजरअंदाज किया बल्कि अधिकतर ऐसे अधिकारियों को उच्चतम पदों पर बिठाया जो कैप्टन की महिला मित्र के यहां भी हाजिरी लगाते थे जबकि अपने साथ हुए अन्याय के खिलाफ चट्टोपाध्याय ने आवाज उठाई लेकिन अफसोस है कि ईमानदारी व कर्मठता के ऊपर स्वार्थी राजनीति हावी हो गई है। मेहता ने सिद्धू व पार्टी आलाकमान से अनुरोध किया है कि राज्य व जिला इकाइयों का पुनः गठन तुरंत किया जाए। उन्होंने रोष प्रगट करते हुए कहा कि सगठन का गठन लम्बे समय से ना होने से पार्टी के ज़मीनी कार्य कर्ताओ में निराशा पाई जा रही है। इस अवसर पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रविन्द्र स्यान, सर्बजीत सिंह बंटी,हर्ष मेहता,रविन्द्र स्यान व लाडी आदि माैजूद थे।
Now Parminder Mehta Opened The Front Against The Captain