यशपाल शर्मा, लुधियाना पंजाब की राजनीति को लेकर कांग्रेस हाईकमान बहुत बड़ी पेसोपेश में फंसता दिखाई दे रहा है। इसका सीधा उदाहरण है कि पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी व कांग्रेस के पंजाब प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू के बीच पब्लिकली चल रही खींचतान है। हाईकमान के लिए बड़ी परेशानी इस बात को लेकर है कि जहां पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह पंजाब लोक कांग्रेस नाम से नई पार्टी का एलान कर चुके हैं, वहीं दूसरी ओर अब मौजूदा पंजाब सीएम चन्नी पर निशाने साध रहे नवजोत सिंह सिद्धू काे प्रदेश प्रधानगी से हटाने का खतरा मोल लेने को तैयार नहीं हैं। ऐसे में करीब डेढ़ दो महीने बाद आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर लगने वाले कोड आफ कंडक्ट से पहले इन दोनों नेताओं का आपसी तालमेल बिठा पाने का मंत्र किसी के पास दिखाई नहीं दे रहा। चन्नी आगामी चुनाव के मददेनजर नए नए एलान करके कांग्रेस के खिसक रहे वोट बैंक को बचाने के प्रयास में जुटे हैं, लेकिन वहीं सिद्धू पंजाब सरकार का खजाना खाली होने व इन एलानों को लालीपोप बता पंजाब कांग्रेस की लगातार पोल खोलते चले जा रहे हैं। सिद्धू के पास बेअदबी व ड्रग ये ऐसे दो मामले हैं, जिनके चलते कैप्टन अमरिंदर सिंह सीएम की कुर्सी से नीचे उतार दिए गए, वहीं अब चन्नी सरकार की 50 दिन की कारगुजारी पर भी इन्हीं दो मुददों को लेकर सिद्धू की ओर से हमला बोला जा चुका है। --------- बड़ा सवाल- कहीं इसमें भी कांग्रेस हाईकमान की साजिश तो नहीं पंजाब के दिग्गज राजनीतिकार अब ये भी आंकलन कर रहे हैं, जिस ढंग से पंजाब के सत्ताधारी पार्टी के प्रदेश प्रधान ही पंजाब के सीएम को अपने निशाने पर लिए हुए हैं, उसमें कहीं कांग्रेस हाईकमान की ही कोई साजिश तो नहीं। इन राजनीतिकारों का मानना है कि पिछले पौने पांच साल की कांग्रेस सरकार में जिन मुददों पर कांग्रेस 2017 के चुनाव जीती, उन मुददों पर मौजूदा कांग्रेस सरकार पूरी तरह फेल हो गई। ऐसे में आगामी 2022 विधानसभा में यही मुददे कांग्रेस की लुटिया न डूबो दे, इसलिए कांग्रेस हाईकमान की ओर से इस नए पैंतरे काे इस्तेमाल किया जा रहा है। जिसमें पार्टी का एक विधायक सीएम बनकर जनता के हक में नए नए एलान करके गिरते वोट बैंक को बचाने में जुटा है तो दूसरा विधायक जिसे कांग्रेस हाईकमान ने ही पंजाब का प्रधान नियुक्त किया है, वहीं बेअदबी व ड्रग जैसे मुददों पर आवाज उठा लोगों के बीच अपने कद को मजबूत करने में जुटा है। यही कारण है कि सिद्धू की ओर से इस्तीफे की पेशकश के बावजूद कांग्रेस हाईकमान चुप्पी साधे रही। ऐसे में अगर सिद्धू 2022 में कांग्रेस का ही हिस्सा रहते हैं तो इन्हीं मुददों पर कांग्रेस अगले चुनाव में वापसी का रस्ता निकाल सकती है। क्यों कि सिद्धू को एक अच्छा स्टार प्रचारक भी माना जाता है और वे आगामी सीएम चेहरे के तौर पर सबसे पहले इन्हीं मुददों का हल करना अपने चुनावी मेनिफेस्टाे का मेन गोल बना सकते हैं।
Cant Replace Cm Channi And Cant Remove Sidhu