इंप्रूवमेंट ट्रस्ट से अपने मकान की रजिस्ट्री करवाने के चक्कर में मेरी फैक्ट्री बिक गई और अब इस रजिस्ट्र के लिए मुझसे दो लाख रुपए रिश्वत मांगी जा रही है। इसी के चलते आज मजबूरन वश मुझे इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के बाहर मंगूफली की फड़ी लगानी पड़ी है। ये बात इंटरनेशनल एंटी क्रप्शन डे के अवसर पर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट आफिस के बाहर मंगूफली बेचने को बैठे दुगरी निवासी जेपी सिंह ने कही। जेपी सिंह ने अपने इसस प्रोटेस्ट को लगाए बैनर में साफ किया कि लुधियाना इंप्रूवमेंट ट्रस्ट एक रिश्वतखोर, चोर, लुटेरी संस्था है। इस दौरान उन्होंने इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के चेयरमैन रमण बाला सुब्रामनियम पर आरोप लगाते कहा कि वे मुझे चुकवा देने की धमकियां तक देने लगे हैं। गोर हो कि जेपी सिंह ने करीब डेढ़ महीने पहले भी इंप्रूवमेंट ट्रस्ट में गले में फटी बांध कर प्रोटेस्ट किया था और दावा किया था कि उनके सौ गज के मकान के लिए ईओ कुलजीत कौर की ओर से चेयरमैन रमण बाला सुब्रमानियम के नाम पर 2 लाख रुपए रिश्वत मांगी गई थी। उन्होंने आज भी इन्हीें आरोपों को दाेहराया। जेपी सिंह ने आरोप लगाया कि उनके मकान की रजिस्ट्री को हाईकोर्ट तक की ओर से आदेश जारी किए गए हैं, लेकिन इसके बावजूद उनके केस को केवल रिश्वत न दिए जाने के चलते विचारा तक नहीं जा रहा। जबकि जिन कोर्ट केस में मोटी रिश्वत ट्रस्ट आफिसर्स को चढ़ जाती है, उनके स्पीकिंग आर्डर चेयरमैन पास कर उनका प्रस्ताव मीटिंग में पास कर मंजूरी को सरकार को भेज देते हैं। जबकि उनका ये काम केवल ईओ व चेयरमैन स्तर पर होने वाला है। उन्होंने कहा कि चेयरमैन व ईओ उनका काम स्टेट विजिलेंस से होने का दावा करते हैं, जबकि इसमें अब कोई इंक्वायरी स्टेट विजिलेंस के पास नहीं चल रही। उन्होंने कहा कि पहले चेयरमैन का रवैया उनसे ठीक था, लेकिन जब मैनें मौजूदा ईओ कुलजीत कौर को रजिस्ट्री के लिए दो लाख रुपए रिश्वत देने से मना किया व इसके खिलाफ प्रोटेस्ट शुरु किया तो दोनों का रवैया मेरे खिलाफ बेहद गलत हो गया।
Improvement Trust Officers Asked For Two Lakh Bribes To Get The House Registered