ई न्यूज टीम, नई दिल्ली करीब 352 वर्ष बाद वाराणसी में श्रीकाशी विश्वनाथ धाम नया भव्य रूप दुनिया के सामने आया है। जिसके तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से काशी विश्वनाथ कारिडोर का उदघाटन कर आज इसे जनता को समर्पित किया। यूपी को आज मिलने वाली सौगात के गवाह देश के 150 से अधिक धर्माचार्य, संत-महंत व प्रबुद्धजन बने। इसके अलावा इसमें आम आदमी और दूसरे नेता भी जुड़े। भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी आज इसमें शामिल हुए। इस पल का सभी को इंतजार था। ये करीब 5,27,730 वर्ग फीट में फैला है। जन आस्था के शीर्ष केंद्र के इस ऐतिहासिक कार्यक्रम से पूरे देश को जोडऩे के लिए 51,000 स्थानों पर एलईडी स्क्रीन तैयार की गई। करीब एक बजे काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचने पर पीएम मोदी ने यहां पूजा अर्चना की और फिर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। पीएम मोदी ने पूजा अर्चना के बाद लोगों का अभिवादन स्वीकारा और वहां मौजूद लोगों पर पूष्प वर्षा कर उनका अभिवादन किया। वो इस कारिडोर के निर्माण में शामिल लोगों के बीच बैठे और हर-हर महादेव का उदघोष किया। काशी विश्वनाथ कारिडोर के उदघाटनी कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल, सीएम और अन्य मंत्रियों के साथ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी मौजूद रहे। इसके बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रघानमंत्री नरेंद्र मोदी का सम्मान किया। उन्होंने हर-हर महादेव के साथ अपने भाषण की शुरुआत की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि आज हर भारतीय प्रफुल्लित है। उन्होंने कहा कि काशी काफी विपरीत परिस्थितियों का साक्षी रहा है। आज पूरा देश इसके बदले स्वरूप को देख रहा है। ये देश का सौभाग्य है कि भारत उनके सानिध्य में आगे बढ़ रहा है। इसके बाद पीएम मोदी ने काशी विश्वनाथ कारिडोर का उद्घाटन किया और उन्होंने कहा कि यहां पर आना और इसका उद्घाटन करना एक सुखद अनुभव है। पीएम मोदी ने कहा कि वो अभी बाबा के साथ साथ नगर कोतवाल कालभैरव जी के दर्शन करके आए हैं। उन्होंने देशवासियों के लिए उनका आशीर्वाद लिया है। पीएम ने कहा कि काशी में कुछ भी खास हो, कुछ भी नया हो, उनसे पूछना आवश्यक है। मैं काशी के कोतवाल के चरणों में भी प्रणाम करता हूं। पीएम मोदी ने कहा कि विश्वनाथ धाम का ये पूरा नया परिसर एक भव्य भवन भर नहीं है, ये प्रतीक है, हमारे भारत की सनातन संस्कृति का, ये प्रतीक है हमारी आध्यात्मिक आत्मा का, ये प्रतीक है भारत की प्राचीनता का, परम्पराओं का, भारत की ऊर्जा का, गतिशीलता का। पीएम ने कहा कि कोई कितना बड़ा हो, अपने घर को होगा, काशी में बाबा की इच्छा के बिना पत्ता भी नहीं हिल सकता। इसमें बाबा के योगदान के अलावा गणों का योगदान लगा है। कोरोना के दिनों में भी यहां का काम नहीं रुका। काशी को लेकर एक गलत धारणा बनाई गई थी। कहा जाता था कि कैसे होगा। वो केंद्र और राज्य सरकार पर सवाल उठाते थे, मजाक बनाते थे।
Pm Modi Inaugurated Kashi Vishwanath Corridor