यशपाल शर्मा, लुधियाना पिछले करीब तीन महीनों से नए नए कारनामों को लेकर सुर्खियों में रहने वाले इंप्रूवमेंट ट्रस्ट ने एक ओर नया कारनामा कर दिया है। अब की बार ये कारनामा करनैल सिंह नगर में 8.8 एकड़ में बनने वाले अटल अपार्टमेंट प्रोजेक्ट में सामने आया है। इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की ओर से इस प्रोजेक्ट की 100 फीसदी सेल्फ फाइनांसिंग स्कीम के तहत बनाया जाना है। इसका मतलब ये हुआ कि इस प्रोजेक्ट में फलैट के लिए जितने भी लोग आवेदन करेंगे, ट्रस्ट उतने ही फलैटों को बनाना शुरु करेगा। ये फलैट तभी बनने शुरु होंगे, जब आवदेन करने वाले लोग अपनी जेब से भुगतान ट्रस्ट से करेंगे। ट्रस्ट की ओर से इस साइट पर 336 एचआईजी व 240 एमआईजी फलैट बनाने प्रस्तावित किए गए हैं। लेकिन इस प्रोजेक्ट पर बड़े सवाल ये उठने लगे हैं कि अगर ये प्रोजेक्ट 100 फीसदी सेल्फ फाइनांसिंग पर है, तो ट्रस्ट इस की किश्तों पर कैसे 9.5 फीसदी व्याज चार्ज कर रही है। इसका मतलब आम जनता की जेब पर सीधे सीधे डाका डाला जा रहा है। अगर व्याज चार्ज के पीछे सरकारी जमीन को भी कारण मान लिया जाए, लेकिन ड्रा के आवेदन पर आपको कुल कीमत का 5 फीसदी व ड्रा निकलने के बाद 30 दिन के भीतर 25 फीसदी व्याज व 6 फीसदी सैस के साथ ट्रस्ट को देना होगा। इससे साफ है कि इसकी पहली 30 फीसदी की किश्त में जमीन का मूल्य पब्लिक की ओर से दे दिया जाना है। ट्रस्ट से एचआईजी फलैट के लिए किश्तों पर अदायगी करने में लगभग तीन सालों में 5 लाख रुपए के करीब व्याज चुकाना होगा और बिना पैसे लगाए ट्रस्ट करोड़ों रुपए जनता की जेब से निकाल लेगा। हालांकि ट्रस्ट के अफसर इस की किश्तों पर व्याज लेने के पीछे सरकार की 26 नवंबर 2021 की गाइडलाइन का हवाला दे रहे हैं। लेकिन ई न्यूज पंजाब ऐसे मुददें जिन आम पब्लिक को एतराज है, उन मुददों को जरुर उठाता रहेगा और इस पर पंजाब सरकार से बेहतर हल की भी दरकार करेगा। इस प्रोजेक्ट के लिए फलैटों के आवेदन मात्र तीन चार दिन का समय ही बचा है। ------ अगर व्याज ले रहा है तो प्रोजेक्ट देरी पर जनता को पनैल्टी या व्याज देगा इंप्रूवमेंट इस पूरे प्रोजेक्ट में अब ये भी बड़ा सवाल आ खड़ा हुआ है कि इंप्रूवमेंट ट्रस्ट तीन सालों के भीतर इस प्रोजेक्ट को पूरा करने का दावा कर रहा है, ऐसे में अगर तीन साल में पब्लिक को ये फलैट ट्रस्ट हैंडओवर नहीं करता तो क्या ट्रस्ट तीन साल बाद प्रोजेक्ट की देरी पर क्या ट्रस्ट पर कोई पनैल्टी या ब्याज लगेगा जो पब्लिक पर लगाया जा रहा है। नियमों के तहत सेल्फ फाइनांसिंग स्कीम में अगर पब्लिक किश्तों की अदायगी में देरी करती है तो इस देरी के दिनों पर व्याज लगना चाहिए, लेकिन भोली भाली जनता की जेब से कैसे पैसे निकालने हैं, इसका पूरा फार्मूला ट्रस्ट अफसर पहले से तय किए हुए हैं। इस प्रोजेक्ट का एलान चुनाव से ठीक पहले किया गया है, इसलिए ये भी संशय है कि कहीं इस प्रोजेक्ट के लिए पब्लिक की जेब से आने वाला फंड कहीं टाइल्स की डेवलपमेंट के नाम पर न उड़ा दिया जाए। अगर ऐसा हुआ तो ड्रा के लिए आवेदन करने वाले लोगों की भी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। --------- प्राेजेक्ट की एडवरटाइजिंग पर खर्च कर दिया लाखों रुपए इस सेल्फ फाइनांसिंग स्कीम वाले अटल अपार्टमेंट प्रोजेक्ट पर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट लाखों रुपए खर्च कर चुका है, जिसकी मंजूरी तक सरकार से नहीं ली गई। हालांकि ये 100 फीसदी सेल्फ फाइनांसिंग प्रोजेक्ट है तो ट्रस्ट को पहले इसकी एडवरटाइजिंग का बजट सरकार से पास करवाना चाहिए था। चुनावी दिनों में सरकारी फंड की दुरुपयोग किससे छुपा है, हालात ऐसे हैं कि इस प्रोजेक्ट के एडवरटाइजिंग बोर्ड कईं जगहों पर 100 -100 गज की दूरी पर लगा दिए गए हैं। ऐसे में इस प्रोजेक्ट की एडवरटाइजिंग का भी पूरा बोझ आम पब्लिक की जेब पर डाला जाना हैं।
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