यशपाल शर्मा, लुधियाना विधानसभा चुनाव के चलते लंबे समय से अपने रानजीतिक आकाओं के आशीर्वाद से कुर्सियों पर बैठे सरकारी दफतरों के अफसर इलेक्शन कमिशन के राड़ार पर आ गए हैं और धीरे धीरे उन्हें उनकी नोटदार सीटों से झटके देने का सिलसिला भी आरंभ होने वाला है। भले ही राजनीतिक संबंधों के चलते उन्हें पिछले तीन चार सालों में लुधियाना से हिलाया तक नही गया, लेकिन अब ऐसे अफसर जो सत्ताधारी नेताओं को आगामी विधानसभा चुनाव में भी बड़ा फायदा दे सकते हैं या कहे उनके इशारों पर ही नाच सकते हैं, को लुधियाना से चलता किया जाना तय माना जा रहा है। पंजाब इलेक्शन कमीशन ने इसकी शुरुआत लुधियाना नगर निगम से चार एसई स्तर के अफसरों का तबादला कर अपना रुख साफ कर दिया है। लेकिन अभी भी नगर निगम या कहे लोकल गर्वमेंट में बडे़ अफसर ऐसे हैं, जो आपना राजनीतिक आंकाओं की बदौलत कुर्सियों पर जमें हुए हैं। इनमें लुधियाना नगर निगम में तैनात सेक्रेटरी स्तर के अफसर हैं, जो लुधियाना में सुपरिटेंडेंट से सेक्रेटरी प्रमोट होने के बाद लुधियाना में ही लंबे समय से टिके हुए हैं। राजनीतिक आंकाओं की मेहरबानी यहां तक हैं कि जो जोनल कमिश्नर के चार्ज पहले किसी पीसीएस या ज्वाइंट कमिश्नर स्तर के अफसराें को दिए जाते थे, वे इनके हवाले कर दिए गए। ये वे अफसर हैं जिनके साथ मौजूदा मंत्रियों व विधायकों ने बतौर कौंसलर वर्किंग की हुई और उनके बेहद दोस्ताना संबंध भी रहे हैं। लुधियाना में इस समय सुपरिटेंडेंट से प्रमोट होकर लुधियाना निगम में काम करने वाले सेक्रेटरी में नीरज जैन, तजिंदर सिंह व जसदेव सेखों का नाम शामिल हैं। ---- लुधियाना में ही जेई, एसडीओ व एक्सियन बने, पर नहीं हुए तबादले लोकल गर्वमेंट में राजनीतिक रसूख की बात केवल एसई या सेक्रेटरी स्तर के अफसरों तक ही सीमित नहीं हैं, लुधियाना नगर निगम व इंप्रूवमेंट ट्रस्ट में बहुत से ऐसे एक्सियन स्तर के अफसर ऐसे हैं, जो पॉलीटिकल प्रैशर के चलते कभी लुधियाना से ट्रांसफर ही नहीं हुए और अगर कभी कोई बदला भी तो एक दो महीने में ही दोबारा से वापसी कर गए। इनके गहरे राजनीतिक संबंधों के चलते ये अफसर अपने आला नेता के इशारे मात्र से ही उसके कहे काम को पूरा करने के लिए पूरी ताकत झाेंक देते हैं। लुधियाना नगर निगम में इस समय एक्सियन स्तर के अफसरों में राकेश सिंगला, रमण कौशल, सुरिंदर सिंह, हरमिंदर सिंह, हरंकवल सिंह, बलविंदर सिंह ऐसे अफसर है, जो जेई से एसडीओ व फिर एसडीओ से एक्सियन लुधियाना में ही बने और उसके बाद भी लुधियाना में ही टिके रहे। लुधियाना इंप्रूवमेंट ट्रस्ट में एक्सियन बूटा राम, जगदेव सिंह, नवीन मल्होत्रा भी इसी सूची में शुमार हैं, जिन्हें प्राप्त राजनीतिक आशीर्वाद से इनका बाल भी बांका नहीं हो पाता और वे सालों साल से लुधियाना में ही जमे हुए हैं। बताया जाता है कि इनमें बहुत से अफसर ऐसे हैं जो इलेक्शन कमिशन के के राड़ार पर हैं और इनमें से कुछ अफसरों की शिकायत में चंडीगढ़ पहुंचने के कातार में हैं।
With The Blessings Of Political Figures The Officers Sitting On The Chairs Are Under The Radar Of The Election Commission