यशपाल शर्मा, लुधियाना नए नए कारनामे के लिए शहर में अपनी पहचान बना चुका लुधियाना इंप्रूवमेंट ट्रस्ट अब आगामी विधानसभा के चलते लागू आचार संहिता के बावजूद कमीशन के खेल मेंं एक ओर नए कारनामे को अंदरखाते अंजाम देने की तैयारी में जुटा हुआ है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी मुताबिक इंप्रूवमेंट ट्रस्ट में करीब दस करोड़ के वर्क आर्डरों को मंजूरी देने का पूरा खाका तैयार किया जा रहा है और इसके लिए डिस्पेच रजिस्टर में भी बैक डेट में नंबर छोड़ दिए गए हैं। बताया जाता है कि रविवार को छुटटी के दिन भी इंप्रूवमेंट में इंजीनियरिंग विंग के अधिकारी इस काम को अंजाम देने के लिए काम करने में जुटे रहे और सोमवार सुबह सुबह में ही इनका नंबर लगा ये वर्क आर्डर कांट्रेक्टरों को जाारी कर दिए जाएंगे। गौर हो नियमों की धज्जियां उड़ने में लुधियाना ट्रस्ट पूरे पंजाब के साथ साथ चंडीगढ़ तक पूरा मशहूूर है। ट्रस्ट की इंजीनियरिंग शाखा में चल रहे दस दस फीसदी का खेल भी अब सबके समझ आ चुका है। बताया जाता है कि अब भी इन वर्क आर्डरों को जारी करने के लिए ट्रस्ट अफसर मोटे मुंह खोल रहे हैं और इसमें से तीन से पांच फीसदी कमीशन चेयरमैन का बताया जाता है। नियमों के तहत कोड लगने के बाद कोई भी टेंडर या वर्क आर्डर जारी नहीं किया जा सकता, लेकिन इसके बावजूद डिस्पेच रजिस्टर में एंट्री तो कल को डाली जानी है, लेकिन ये सब बैक डेट में दिखाकर इसकी डिस्पेच रजिस्टर में पुरानी डेट में यानि 6 या 7 जनवरी में एंट्री कर इसे पास कर दिया जाएगा। इनमें से अधिकतर डेवलपमेंट वर्क वेस्ट व ईस्ट विधानसभा से संबंधित हैं। जिसमें तीन से चार करोड़ के टाइलों के काम, तीन ओपन जिम व लुक से संबंधित काम डाले गए हैं। जानकारी मुताबिक इस पूरे मामले की शिकायत भी चीफ इलेक्शन कमीशन पंजाब व डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन कमीशन के पास भी भेजी जा चुकी है। ----- चंडीगढ़ में लोकल गर्वमेंट के डिस्पेच रजिस्टर भी चर्चा में लुधियाना इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के साथ साथ चंडीगढ़ में लोकल गर्वमेंट के डिस्पेच रजिस्टर भी खूब चर्चा में है। बताया जाता है कि यहां भी एक्सईन को प्रमोशन या एडहॉक चार्ज देने की फाइलें भी कतार में बताई जाती है। शनिवार से कोड आफ कंडक्ट लागू होने के बाद अब इन्हें भी बैक डेट में मंजूरी देकर इनकी एंट्री भी डिस्पेच रजिस्टर में चढ़ाने की तैयारी बताई जाती है। गौर हो कि अक्सर आचार संहिता लगने के बाद भी कईं कईं दिनों तक डिपार्टमेंटों के डिस्पेच रजिस्टरों को सर्टिफाई नहीं किया जाता और इसका राजनीतिक दबाव में अफसरों को ये काम करना पड़ता है। बताया जाता है कि लोकल बॉडी में ऐसे कईं काम थे जो कोड के चलते पेंडिंग रह गए। लेकिन इस बार इलेक्शन कमीशन के तेवर बडे़ सख्त हैं और ऐसे में किस तरह से अफसर इन कामों को अंजाम दे पाते हैं या नहीं, ये भी जल्द साफ हो जाएगा। -------- अटल अपार्टमेंट का ड्रा भी अधर में लटका, अब नई सरकार बनने पर ही निकाल पाएगा ड्रा ! इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की ओर से कल यानि 10 जनवरी को अटल अपार्टमेंट के फलैटों के ड्रा की तारीख निश्चित की थी, लेकिन एकाएक कोड लगने के चलते ये प्लानिंग भी अधर में ही रह गई। अब ये ड्रा या तो इलेक्शन कमीशन की मंजूरी से निकल सकता या फिर अब ये ड्रा नई सरकार के गठन के बाद ही निकल पाएगा। इस ड्रा के जरिए सीधे सीधे पब्लिक को फायदा मिल सकता है,इसलिए इलेक्शन कमीशन से भी इसकी मंजूरी मिलनी असंभव से लगती है।
Ludhiana Improvement Trust Preparing To Flout The Code Of Conduct