यशपाल शर्मा लुधियाना लुधियाना इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के चेयरमैन रमन बालासुब्रह्मण्यम जोकि लुधियाना के मौजूदा कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशू के राइट हैंड बताए जाते हैं, वह आजकल एक बार फिर से एक वायरल वीडियो के चलते सुर्खियों में आ गए हैं । यह वायरल वीडियो एक कट्टर कांग्रेसी का है जिसका दर्द विधानसभा चुनाव के दौरान मीडिया के समक्ष छलक गया। इस कट्टर कांग्रेसी का कहना है कि उसे एक एचआईजी फ्लैट रानी झांसी रोड पर कोर्ट ऑर्डर के तहत ट्रस्ट को देने के आदेश दिए गए हैं। जिसके लिए वे हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक केस जीत चुके हैं। जब ट्रस्ट स्टाफ ने उनकी सुनवाई नहीं की तो वह इसके लिए कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशू को भी जाकर मिले और आशु की ओर से उन्हें लुधियाना इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के चेयरमैन रमन बालासुब्रमण्यम को मिलने को कहा गया। जिसके बाद वे रमन बालासुब्रह्मण्यम से मिले और उन्हें कोर्ट के ऑर्डर दिखाए तो चेयरमैन का कहना था कि उन्हें चाबियां हमने देनी है ना कि कोर्ट ने। जब उसने कहा कि उनके पास कोर्ट के ऑर्डर हैं तो रमन बालासुब्रह्मण्यम का कहना था कि फिर जाकर कोर्ट से ही चाबियां ले लें, अगर हमसे चाबी लेनी है तो इसके पैसे लगेंगे । जब उन्होंने इस मामले में पैसे पूछे तो रमन बालासुब्रह्मण्यम ने कहा कि इसके ₹800000 देने होंगे, जब इस पैसे की उन्होंने रसीद पूछी तो चेयरमैन रमन बालासुब्रमण्यम का कहना था कि इसकी रसीद कैसी यह पैसे उन्होंने ऊपर तक पहुंचाने होते हैं। ऐसे में सवाल खड़े होते हैं कि आखिर रमण बालासुब्रमण्यम ने ऊपर किस से पैसे पहुंचाने थे और कौन है जो ट्रस्ट के चेयरमैन से पैसे की उगाही कर रहा था। इसमें कोई शक नहीं है कि रमन बालासुब्रमण्यम को इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के चेयरमैन की कुर्सी पर कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशू की ओर से ही बिठाया गया था। गौर हो कि इंप्रूवमेंट ट्रस्ट चेयरमैन रमण बालासुब्रमण्यम पहले से इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की तीन सौ करोड़ी जमीन को 92 करोड रुपए में बेचने के विवादों में है। इसके साथ-साथ वे इंप्रूवमेंट ट्रस्ट में करोड़ों रुपए की सड़क निर्माण की ई टेंडरिंग और प्लॉट व एससीओ की ई ऑक्शन में भी सवालों के घेरे में है । इसके साथ साथ लुधियाना इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की ओर से लोकल गवर्नमेंट के पास भेजे गए एलडीपी प्लॉट के केसेस में भी मोटी रिश्वत के लेन देन में भी इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के चेयरमैन का नाम लिया जा रहा है। इतना ही नहीं रमन बालासुब्रमण्यम की ओर से इलेक्शन कोड लगने के बावजूद करोड़ों रुपए के डेवलपमेंट वर्क्स के वर्क आर्डर जारी करने के मामले में भी इलेक्शन कमिशन की इंक्वारी के घेरे में है। इतना ही नहीं रमन बालासुब्रमण्यम बीआरएस नगर में सरकारी पार्क की जमीन को भी अपनी कोठी के साथ हथियाने के मामले में विजिलेंस के घेरे में हैं। वही बीआरएस नगर ओरिएंट सिनेमा के पास ऑक्शन के जरिए बेचे गए एससीओ का विवाद भी जल्द खुलने वाला है। बड़ी बात है कि यहां पर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट ने ई ऑक्शन के जरिए एससीओ बेचे हैं लेकिन मौके पर सभी एससीओ पर डाउनटाउन लिखवा दिया गया है। ऐसे में यह सवाल अभी से उठने लगे हैं कि आखिर यह डाउनटाउन का मालिक कौन है और कैसे उसने पूरी सरकारी प्रॉपर्टी पर अपनी कंपनी के पोस्टर लगा दिए हैं। इस बारे में जब भाजपा नेता लकी चोपड़ा से बात की गई तो उन्होंने कहा कि इतने सारे विवाद चेयरमैन के साथ जुड़े होने के बावजूद कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशू की चुनाव प्रचार मुहिम में उनके साथ खड़े दिखाई देते हैं जो कहीं ना कहीं भारत भूषण आशू की इमेज पर भी बड़ा सवाल खड़ा करते हैं। ऐसे में इतनी खराब छवि के चेयरमैन के साथ भारत भूषण आशू की दोस्ती उनके चुनाव और उनके वोटरों के बीच किस ढंग से रोल अदा करती है यह 10 मार्च को आने वाले पंजाब के नतीजे साफ कर देंगे।
Spoke Pain Of A Hardcore Congressman Ashu Sent It To The Chairman Of The Improvement Trust Asked Me For 8 Lakh Bribe