कमीशन खाने वाले अफसर और नेता हो जाए सावधान पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की ओर से भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ विजय सिंगला को मंत्री पद से बर्खास्त करने और उनकी गिरफ्तारी को अब कईं एंगल से जोड़कर देखा जा रहा है। पंजाब में ऐसे कई सरकारी डिपार्टमेंट है, जहां पर कमीशन का खेल धड़ल्ले से चलता है और अफसरों की ओर से यह रिश्वत उनके जन्मसिद्ध अधिकार होने की बात कह कर मांगी जाती है। डॉ विजय सिंगला पर टेंडरों में मात्र 1 फ़ीसदी कमीशन मांगने के आरोप लगे हैं, लेकिन नगर निगम नगर निगम, पीडब्ल्यूडी और इंप्रूवमेंट ट्रस्ट ऐसे सरकारी डिपार्टमेंट है जहां पर मोटी रिश्वत नगर निगम के कमिश्नर से लेकर जेई तक का स्टाफ अपने अधिकार के तौर पर मांगते है । सूत्र बताते हैं कि पंजाब में नई बनी आम आदमी पार्टी की सरकार भ्रष्टाचार पर बड़े अक्षरों में लेकर पब्लिक के बीच में बड़ी जगह बनाने की कोशिश में है और इसके चलते भ्रष्टाचार के मामलों में सरकार आने वाले दिनों में बड़े कदम उठाती दिख सकती है । खासकर जिन सरकारी डिपार्टमेंट में ठेकेदारों से कमीशन लेकर ऑफिसर एक फाइल को दूसरे टेबल पर आगे बढ़ाते हैं, वह खास तौर पर निशाने पर हैं। बीते विधानसभा चुनाव से ठीक पहले नगर निगम में ऐसा एक विवाद भी आ खड़ा हुआ था, जिसमें कुछ हॉट मिक्स प्लांट के ठेकेदारों की ओर से मोटी रिश्वत मांगे जाने के आरोप अफसरों से लेकर मेयर और तत्कालीन एक मंत्री पर जड़े थे। इतना ही नहीं लुधियाना इंप्रूवमेंट ट्रस्ट में भी 10 फीसदी तक का कमीशन लेकर ठेकेदारों को टेंडर अलॉटमेंट का शोर मचता रहा है। सुनने में यह भी आया है कि पूर्व मंत्री के एक नजदीकी की ओर से इसी मोटे कमीशन के जरिए अपनी नई कोठी पिछले 3 सालों में तैयार करवाई गई है। हालांकि भगवंत मान सरकार की ओर से अभी तक पूर्व सरकार में कईं ऐसे मामले जिन पर हजारों शिकायतों के बावजूद इन पर अभी बड़ा एक्शन देखने को नहीं मिला है । लेकिन जिस ढंग से मौजूदा हेल्थ मिनिस्टर पर मान सरकार की ओर से सख्त कार्रवाई की गई है, उससे रिश्वत मांगने वाले अफसर और देने वाले हाथ जरूर सकते में आ गए हैं । क्योंकि यह बड़ा उदाहरण है जो कि पंजाब के मंत्री पद पर बैठे नेता पर अगर सरकार ऐसा एक्शन ले सकती है तो रिश्वतखोर अफसरो पर कार्रवाई करने में सरकार को अधिक समय नहीं लगेगा। लुधियाना में भी मौजूदा कई आम आदमी पार्टी के विधायक हैं, जिन पर छोटे-छोटे मामलों में उनका नाम उछलना शुरू हो गया है, जिनमें विभिन्न इलाकों में लगने वाली सब्जी की मंडियां और रेहड़ी फड़ी लगाने के नाम पर हफ्ता और महीना वसूली की बातें सामने आने लगी है। यह सवाल उठना लाजिमी है क्योंकि अगर शहर में अवैध रेडी फड़ी और मंडियां अगर पूर्व कांग्रेसी नेताओं विधायकों और पार्षदों के इशारों पर लग रही थी तो अब जब प्रदेश में आम आदमी पार्टी की सरकार है तो इन्हें लगाने के पीछे अब कौन सा नेता और अफसर हफ्ता वसूली कर रहा है यह एक बड़ा सवाल है जो मौजूदा विधायकों पर आ खड़ा हुआ है।
Punjab Cm Bhagwant Mann Action On Corruption