पूर्व सरकार फूड एंड सप्लाई मंत्री रहे भारत भूषण आशू पर अब सरकार का शिकंजा कसता दिखाई देने लगा है। आज पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने गुरदास राम एंड कंपनी के मालिक/साझेदारों के खिलाफ मामला दर्ज करते ठेकेदार तेलू राम को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में विजिलेंस की ओर से दर्ज की गई एफआईआर में लुधियाना जिले में अनाज मंडियों के लिए श्रम, ढुलाई और परिवहन टेंडरों को स्वीकार करने में अनियमितता बरतने वाले राज्य खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों और संबंधित खरीद एजेंसियों के कर्मचारी भी शामिल हैं। विजिलेंस ने इस मामले में इस संबंध में गांव उधनवाल, एसबीएस नगर निवासी आरोपी कांट्रेक्टर और मालिक तेलू राम को विजिलेंस ब्यूरो रेंज लुधियाना ने गिरफ्तार किया है।यह जानकारी देते हुए आज यहां राज्य सतर्कता ब्यूरो के एक प्रवक्ता ने कहा कि शिकायत संख्या 72/2022 में लगाए गए आरोपों की जांच के बाद एफआईआर संख्या 11 दिनांक 16-08-2022 धारा 420, 409, 467, 468, 471 के तहत उपरोक्त निजी फर्म के मालिक तेलू राम, जगरूप सिंह और संदीप भाटिया के अलावा सरकारी अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम, 120 बी आईपीसी और 7, 8, 12, 13 (2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम दर्ज किया गया है। अधिक जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि विजिलेंस द्वारा जांच के दौरान यह पाया गया है कि लुधियाना जिले फूड सप्लाई डिपार्टमेंट में श्रम, ढुलाई और परिवहन कार्यों के संबंध में वर्ष 2020-21 के लिए टेंडर जमा करने के समय द्वारा उक्त कंपनी की और से ट्रांसपोर्टेशन के लिए जो वाहनों के नंबर दिए गए थे , वे उपरोक्त ठेकेदारों के पास स्कूटर/मोटरसाइकिल/कार आदि के पंजीकरण नंबर थे। जिनका सरकारी अफसरों और संबंधित अधिकारियों/जिला टेंडर समिति के अधिकारियों द्वारा आपराधिक मिलीभगत के कारण जांच नहीं की। उन्होंने कहा कि विभाग की नीति के अनुसार उपरोक्त कारणों से समिति के लिए तकनीकी बोली को अस्वीकार करना अनिवार्य था लेकिन ऐसा नहीं किया गया। प्रवक्ता ने आगे बताया कि खाद्यान्नों की लोडिंग/अनलोडिंग से संबंधित गेट पास, गाड़ी के लिए उपयोग किए जाने वाले वाहनों के पंजीकरण नंबर स्कूटर/मोटरसाइकिल/कार आदि के पाए गए हैं क्योंकि ऐसे वाहन माल परिवहन नहीं कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि उक्त वाहनों के पंजीकरण संख्या के साथ-साथ इन गेट पासों में उल्लिखित वस्तु की मात्रा का विवरण प्रथम दृष्टया फर्जी रिपोर्टिंग और इन गेट पास में उल्लिखित खाद्यान्न के गबन का मामला प्रतीत होता है। उन्होंने बताया कि इन गेट पास के आधार पर विभाग के अधिकारियों ने तेलू राम ठेकेदार, गुरदास राम एंड कंपनी के मालिक/साझेदार जगरूप सिंह और संदीप भाटिया ठेकेदार को बिना जांच किए भुगतान कर दिया है। इस संबंध में, विजिलेंस ने उपरोक्त निजी व्यक्तियों के साथ-साथ विभाग के अधिकारियों के खिलाफ फर्जी दस्तावेज जमा करने और स्वीकार करने, एक दूसरे के साथ हेराफेरी करने और माल की नकली ट्रांसपोर्ट व्हीकल में ढोए डूवाई के आरोप में मामला दर्ज किया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में आगे की जांच जारी है। गौर हो कि इस मामले में करीब 2 महीने पहले कुछ ट्रांसपोर्ट मालिकों व ठेकेदारों की ओर से एक प्रेस वार्ता करते केबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु पर कुछ कांट्रेक्टर और ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने और करोड़ों रूपए की धांधली करने के आरोप लगाए थे । अब इस मामले में जांच के बाद विजिलेंस की ओर से एफआईआर कर गिरफ्तारी करनी शुरू कर दी है और जल्द ही इस मामले में फूड सप्लाई डिपार्टमेंट के कुछ अफसरों की भी जल्द गिरफ्तारी हो सकती हैं । इसके अलावा जिस कांट्रेक्टर व ठेकेदार तेलु राम को विजिलेंस ने पकड़ा है उक्त ठेकेदार के मंत्री के साथ साथ उनके मौजूदा पीए ( इंदरजीत सिंह इंदी नहीं) के साथ बेहतर संबंध थे और महीना लेने जैसी कई बातें भी सामने आ रही हैं।
Vigilance Registers Case For Allotting Transportation Tenders On Fake Registration Numbers Of Vehicles