पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के कभी खासमखास कहे जाने वाले और उनके OSD का पद संभालने वाले कैप्टन संदीप संधू ने आखिर मुसीबत के समय captain का साथ क्यों छोड़ा यह खुलासा अगर विजिलेंस की गिरफ्त में आए तेलू राम से किया गया, तो इस पूरे मामले के तार कांग्रेस हाईकमान तक पहुंच सकते हैं। सूत्र बताते है कि तेलु राम को लाने में अहम भूमिका कैप्टन संदीप संधू की रही । कैप्टन संदीप संधू हल्का मुल्लापुर दाखा के इंचार्ज थे और उनकी ओर से तेलु राम को पूर्व कैबिनेट मंत्री और तत्कालीन फूड एंड सप्लाई मिनिस्टर भारत भूषण आशु के जरिए फूड एंड सप्लाई डिपार्टमेंट मैं बतौर कांट्रेक्टर एंट्री कराई गई। तेलु राम का ट्रांसपोर्ट और ठेकेदारी में लंबा चौड़ा अनुभव ना होने के चलते उस की ओर से अपने ही स्कूटर, मोटरसाइकिल और कारों का नंबर फूड एंड सप्लाई डिपार्टमेंट के टेंडर में डाल दिए गए और ट्रांसपोर्ट के लिए ट्रक भाड़े पर ले लिये गये। डिपार्टमेंट के अफसरों को यह मालूम था कि यह कॉन्ट्रेक्टर- ट्रांसपोर्टर मंत्री का खास है, इस लिए किसी भी दस्तावेज को टेक्निकल बिड दोरान जांचा तक नहीं गया। इसके बाद भारत भूषण आशू और कैप्टन संदीप संधू के बीच में गहरी दोस्ती बनती चली गई और यही कारण है कि जब कैप्टन अमरिंदर सिंह पर बुरा वक्त आया तो खासम खास कहे जाने वाले संदीप संधू भी उनके साथ खड़े नहीं हुए । सूत्र बताते हैं कि कैप्टन संदीप की फूड एंड सप्लाई डिपार्टमेंट के जरिए अच्छी सेटिंग ही उन्हें कैप्टन अमरिंदर सिंह से दूर ले गई । जैसा कि 2 महीने पहले फूड एंड सप्लाई से जुड़े ठेकेदारों की ओर से की ओर से की गई वार्ता में साफ किया गया था कि उक्त ठेकेदार को करोड़ों का काम देने को कई सालों पुराने नियम बदल दिए गए। ऐसे में विजिलेंस अगर तेलु राम से गहरे ढंग से पूछताछ करती है तो इस पूरे घोटाले के सम्बंध काँग्रेस हाई कमान के साथ भी सामने आने लाजमी हैं। इतना ही नहीं राजस्थान से मंत्री पद छोड़ पंजाब की राजनीति में दिलचस्पी दिखाने वाला हाई कमांड नेता भी इस जांच के घेरे में आ सकता है। असल में इस पूरे घोटाले में आरोप करोड़ों के हैं, इसलिए यह पैसा किस किस की जेब में गया, यह सवाल आम जनता के जहन में जरूर आ रहा हैं। हालांकि अभी ये सब राजनीतिक आरोप भी कहे जा सकते हैं, लेकिन अब जब पूरा मामला विजिलेंस की जांच के दायरे में है तो सच से पर्दा उठना लाजमी है।
Captain Amrinder Singh And Captain Sandeep Sandu Inside Story