फूड सप्लाई डिपार्टमेंट से निकल कर आ रहे दो हजार करोड़ के घोटाले में अब पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के राजनीतिक सचिव का नाम भी बड़ा जोर शोर से उठने लगा है। सूत्र बताते हैं कि विजिलेंस जल्द इन राजनीतिक सचिव का नाम भी इस एफआईआर में जोड़ सकती है। इसका बड़ा कारण भी विजिलेंस के हत्थे चढ़ा कांट्रेक्टर तेलू राम ही बताया जा रहा है । असल में तेलू राम की ओर से चल रही इन्वेस्टिगेशन से होने वाले खुलासों से विजिलेंस की जांच आगे बढ़ रही है और इसमें नए नए नाम जांच के दायरे में उठ कर आ रहे हैं। विजिलेंस की ओर से एफआईआर में नामजद किए गए फूड एंड सप्लाई अधिकारी राकेश सिंगला को दोबारा से डिपार्टमेंट में एंट्री पूर्व कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशू के आशीर्वाद से मिली थी, जो की फिलहाल डिपार्टमेंट में सीवीओ की तौर पर काम कर रहे थे। सूत्रों के मुताबिक फूड सप्लाई डिपार्टमेंट में घोटाले का धुआं उठने के तुरंत बाद ही राकेश सिंगला ने कनाडा निकलने का प्लान शुरू कर दिया था और अब उनके कनाडा फरार होने की बातें भी सामने आ रही हैं। गाड़ियों पर फर्जी नंबर लगाकर ट्रांसपोर्ट का कॉन्ट्रैक्ट लेने के बड़े घोटाले को फिलहाल 2000 करोड़ का स्कैम बताया जा रहा है। विजिलेंस की ओर से पूर्व कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशू को भी एफआईआर में नामजद यह जाने के बाद टीम आशु से जुड़े कई नेता व कुछ खासमखास विजिलेंस के ट्रैप में बताए जा रहे है और इन पर भी गुप्त नजर रखी जा रही है। सुनने में यह भी आ रहा है कि कई लोग चुपके चुपके सीधे विजिलेंस ऑफिस पहुंचकर अपनी दुख भरी दास्तां सुनाने को पहुंच रहे हैं और विजिलेंस आगे चलकर ऐसे केसो को भी तवज्जो दे सकती है। इनमें कई मामले प्रॉपर्टी से जुड़े बताए जा रहे हैं और सूत्र बताते हैं कि अगर फूड सप्लाई डिपार्टमेंट में हुए घोटाले की इन्वेस्टमेंट बड़ी प्रॉपर्टी में की गई है तो इससे जुड़े लोग भी विजिलेंस के रडार पर हैं। बताया जाता है कि प्रॉपर्टी की यह इन्वेस्टमेंट भी साउथ सिटी एरिया के आसपास काटी गई बड़ी कॉलोनियों में की गई है और इसमें कौन-कौन से प्रॉपर्टी डीलर और मंत्री के नजदीकी शामिल है इसकी पड़ताल भी विजिलेंस ने अंदर खाते शुरू कर दी है। बात करें लुधियाना नगर निगम की तो यहां पर भले ही मेयर की कुर्सी बलकार सिंह संधू को दी गई थी लेकिन कहीं ना कहीं इस कुर्सी पर पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु की पत्नी ममता आशु के आदेश भारी पड़ते रहे हैं और नगर निगम के कमिश्नर भी मेयर से अधिक ममता आशु के आदेश का पालन करने में अधिक रुचि दिखाते रहे है। चाहे स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट की बात हो या टाटा को दिए गए एलईडी लाइट के टेंडर का विवाद हो या शहर से कूड़ा उठाने का टेंडर विवाद हो, उसमें भी आदेश मंत्री के ऑफिस से निकल के बाहर आता रहा है। जालंधर की तरह अब लुधियाना नगर निगम में भी करवाएगी स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्टों में एक बिल्डर को फायदा देने और बड़े सत्र पर इस प्रोजेक्ट में टाइल्स का इस्तमाल बड़ी सेटिंग की ओर इशारा करते दिखाई दे रहे हैं। वहीं हंबडा रोड पर डायरियों की अंदरखाते की गई खरीद फरोख्त में भी बड़े स्कैंडल का धुआं अब बाहर आता दिखाई देने लगा है। विजिलेंस की ओर से भारत भूषण आशू के पीए मीनू पंकज मल्होत्रा को नामजद किया गया था और उसके बाद से मीनू फरार हैं । सूत्र बताते हैं कि मीनू मल्होत्रा लुधियाना में ही है। कोई उसके बस अड्डे के नजदीक ही एक काउंसलर के घर में होने तो कोई साउथ सिटी में एक फार्म हाउस में होने का दावा कर रहा है।
Investigation In Food And Supply Multi Crore Scam