फूड एंड सप्लाई डिपार्टमेंट में ट्रांसपोटाइजेशन के टेंडर से निकल कर बाहर आ रहे करोड़ों रुपए घोटाले में आज आरोपी तेलू राम को ज्यूडिशियल रिमांड पर जेल भेज दिया गया है, लेकिन अब ये पूरा मामला मीनू पंकज मल्होत्रा के आसपास घूमता दिखाई दे रहा है। मीनू मल्होत्रा भले ही बाहर खुद को मंत्री का पीए बताता हो, लेकिन यहां पर रोजाना आने वाले लोगों को ये मालूम है कि मीनू मल्होत्रा का काम आने वाले खासमखास लोगों को चाय पकौडे़ खिलाना था। अब ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि आखिर मंत्री के आफिस में चाय पकौडे़ खिलाने वाले ने करोड़ों रुपए की प्रॉपर्टी कैसे जोड़ ली। अभी तक विजिलेंस मीनू मल्होत्रा की छह से आठ प्रॉपटियों की जांच कर इनकी रजिस्ट्री दस्तावेज तक देख चुकी है। इनमें से अधिकतर प्रॉपटियां मीनू मल्होत्रा के नाम पर ही हैं। उसकी तलाश में लगातार रेड चल रही है। आखिर मीनू ने ये प्रॉपर्टी मंत्री के आफिस में आने से पहले बना ली थी या सब आशू के आफिस में आने के बाद उसने सेटिंग के जरिए जुटाई है, ये फिलहाल विजिलेंस की जांच का एक बड़ा टॉपिक है। भले ही अभी तक मीनू मल्होत्रा पुलिस गिरफत से बाहर है, लेकिन आज भी विजिलेंस की टीम अपना केस मजबूत करने को मीनू की जवाहर नगर में खरीदी गई दुकानों, बस स्टैंड के नजदीक बना रहे होटल, न्यू माडल टाउन में बनी रही कोठी व एक अन्य कांपलेक्स वाली जगह पर पहुंच इसकी पैमाइश करती दिखी। विजिलेंस अब इस प्रॉपर्टी को इस केस से जोड़ इसका पूरा लिंक पूर्व कैबिनेट मंत्री के साथ खड़ा करना चाहती है। इसके साथ साथ विजिलेंस टीम की ओर सेआशू की इंवेस्टमेंट के तार भी खंगाल रही है और एक्स मंत्री ने कहां कहां प्रॉपर्टी ले रखी है, इसकी भी खूफिया जानकारी जुटा रही है। बड़ी बात है कि आज विजिलेंस तेलू राम का फिर से पुलिस रिमांड हासिल नहीं कर पाई। विजिलेंस के वकील की ओर से कोर्ट में जज के समक्ष आज फिर से तेलू राम के लिए तीन दिन का रिमांड मांगा गया था, लेकिन तेलू राम पक्ष के वकील का कहना था कि विजिलेंस इस मामले में तेलू राम व पूर्व मंत्री को आमने सामने बिठाकर भी कईं तरह की पूछताछ कर चुकी है, लेकिन इस मामले में कोई ठोस उपलब्धि हासिल नहीं कर पाई। जिसके बाद जज ने तेलू राम को ज्यूडिशियल रिमांड को भेज दिया। डील फाइनल करने में मीनू का रहता था अहम रोल विजिलेंस जांच के अनुसार तत्कालीन कैबिनेट मिनिस्टर भारत भूषण आशू के पीए मीनू मल्होत्रा की इस घोटाले में सबसे अहम भूमिका रही। टेंडर के लिए ट्रेडर्स को ढूंढने से लेकर रेट तय करने तक का सारा काम मीनू ही करता था। डील फाइनल हो जाने के बाद पैसों का लेन-देन भी मीनू ही करता। अफसरों से नेताओं तक हिस्सा पहुंचाने का काम उसी का था। अपने जीवन का आधे से ज्यादा हिस्सा जवाहर नगर कैंप में गुजारने वाला मीनू कुछ महीनों से न्यू मॉडल टाउन में कोठी बनवा रहा था। इस कोठी का रिकॉर्ड विजिलेंस चेक करवा रही है। आज आशू के पुलिस रिमांड के दो दिन पूरे हो गए हैं और उसे 27 को कोर्ट में पेश किया जाना है।
After All How Meenu Malhotra Made A Property Worth Crores