फूड एंड सप्लाई डिपामेंट के ट्रांसपोर्ट टेंडर घोटाले में पंजाब के पूर्व कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशू की गिरफतारी के बाद उसके पुलिस रिमांड में से क्या सामने आता है, इस पर नजर केवल आप लोगों की ही नहीं, ब्लकि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान भी सीधे इस मामले में नजरें जमाए हुए हैं। बताया जाता है कि पंजाब के मुख्यमंत्री मान इस मामले में सीधे एडीजीपी व चीफ विजिलेंस डायरेक्टर वीरेंद्र कुमार व लुधियाना विजिलेंस एसएसपी आरपीएस संधू से संपर्क साधे हुए हैं। ये खबर सूत्रों के हवाले से सामने आ रही है और बताया जा रहा है कि लुधियाना विजिलेंस की ओर से आशू के पुलिस रिमांड का वीडियों तक बनाया जा रहा है और इस इंवेस्टीगेशन की फुटेज तक मुख्यमंत्री के पास पहुंच रही है। इससे एक बात साफ है कि जो लोगों के बीच में आशू को वीआईपी ट्रीटमेंट मिलने की बातें सामने आ रही हैं, वो इस खबर से कहीं न कहीं अब झूठी लग रही हैं। सुनने में ये भी आ रही है कि मंडी गोबिंदगढ़ के पास तीन चार शैलर खरीद के साथ भी आशू का नाम जुड़ रहा है, ये वे शैलर थे जो बंद हो चुके थे और सस्ते में सैटलमेंट कर इन्हें चालू करवा माल तक यहां पहुंचा दिया गया था। आशू के नजदीकियों पर शिकंजा कसने की तैयारी विजिलेंस की ओर से जो आशू के नजदीकियों को सम्मन कर उनसे प्रॉपर्टी की ब्यौरा मांगा गया है, उससे साफ है कि विजिलेंस इसके जरिए क्रप्शन का पैसा कहां इंवेस्ट हुआ उसका ब्यौरा जुटाने की कोशिश में है। जब नजदीकियों की ओर से अपनी, अपनी पत्नी व बालिग बच्चों की प्रॉपर्टी खरीद का ब्यौरा देगा, तो उससे साफ हो जाएगा कि वे प्रॉपर्टी कब खरीदी गई और उसका सोर्स क्या था। लेकिन इन सब नजदीकियों की ओर से अगर इस प्रॉपर्टी डिटेल में कुछ भी छिपाना असंभव रहेगा, क्यों कि पिछले तीन चार सालों से प्रॉपर्टी का सारा रिकार्ड आनलाइन हो चुका है और ऐसे में अगर विजिलेंस किसी के नाम को दर्ज कर उसका क्लेक्टरेट आफिस से ब्यौरा लेगी तो इसका पूरा खाका सामने आ जाएगा। इसके साथ साथ विजिलेंस ये भी पड़ताल में जुटी है कि क्या ये पैसा हवाला के जरिए विदेशों में तो नहीं पहुंचा दिया गया।
Cm Mann Himself Taking The Report Of The Remand Investigation Of Former Cabinet Minister Ashu