फूड एंड सप्लाई डिपार्टमेंट में ट्रांसपोर्ट टेंडर मामले में निकले 2000 करोड़ रुपए के स्कैम मामले में अजीब गरीब स्थिति बनती दिखाई दे रही है। विजिलेंस की ओर से इस पूरे स्कैम का बिग बॉस पूर्व कांग्रेसी मंत्री भारत भूषण आशू को तो पकड़ लिया, लेकिन इस घोटालें की पूरी परतें खोलने वाली अहम कड़ियां अभी तक विजिलेंस के हाथ नहीं लग पाई हैं। ये अहम कडियां फूड एंड सप्लाई डिपाटमेंट में डिप्टी डायरेक्टर के पद पर तैनात रहे राकेश सिंगला और आशू के दोनों तथाकथित पीए मीनू मल्होत्रा व इंद्रजीत सिंह इंदी हैं। लेकिन अब इस पूरे मामले में दो अन्य अहम सुरागों की फाइलें भी फूड एंड सप्लाई डिपाटमेंट चंडीगढ़ से गायब कर दी गई है। ये दोनों फाइलें दागी अफसर व डिपार्टमेंट का पूर्व डिप्टी डायरेक्टर व सीवीसी राकेश सिंगला से संबंधित थी, जिन्हें खासतौर पर आशू की ओर से लाया गया था। गायब हुई दोनों फाइलों में एक फाइल दागी अफसर राकेश सिंगला को सेंट्रल विजिलेंस कमेटी (CVC) का चेयरमैन बनाने की है तो वहीं दूसरी फाइल सिंगला को टेंडर अलॉटमेंट कमेटी का चेयरमैन बनाने की है। असल में इन फाइलों से पता चलना था कि आखिर कैसे इस दागी अफसर को पूर्व मंत्री ने लाकर कुर्सी पर बिठाया और इसके जरिए उन्होंने कौन कौन सी अपनी घोटाले की प्लानिंग को अंजाम दिया। बड़ी बात है कि साल 2017 में फूड एंड सप्लाई डिपाटमेंट के प्रमुख सचिव ने राकेश सिंगला को आरोपित करते कहा था कि वे 85 करोड़ रुपए की क्रप्शन के लिए जिम्मेदार है और उस पर डिमोट करने जैसी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। आशु ने न केवल इस दागी अफसर सिंगला को सीवीसी के रूप में नियुक्त किया, बल्कि उन्हें 600 करोड़ के सालाना बजट वाले ट्रांसपोर्ट व लेबर संबंधी अहम काम का प्रभार भी सौंप दिया। बड़ी बात है कि एक साल पहीे शिअद नेता बिक्रम मजीठिया की ओर से आशू पर फूड सप्लाई डिपार्टमेंट में बडे़ घोटाले करने के आरोप लगाते पूरे मामले की सीबीआई जांच करवाने की भी मांगी थी और इस दौरान उन्होंने भी इस पूरे घोटाले में डिपाटमेंट के दागी अफसर व सेंट्रल विजिलेंस कमेटी के चेयरमैन राकेश सिंगला पर भी गंभीर आरोप लगाए थे। कल विजिलेंस फिर से आशू को चौथी बार कोर्ट में पेशकर उनके पुलिस रिमांड की मांग करेगी, अभी तक आशू 8 दिन पुलिस रिमांड में रह चुके हैं। अबकी बार विजिलेंस आशू का पुलिस रिमांड लेने में कामयाब होती है या नहीं, ये कल ही पता चल पाएगा। विजिलेंस की ओर से आशू के नजदीकी जिनमें मेयर बलकार सिंह, कौंसलर सन्नी भल्ला व एक कारोबारी शामिल है, से कुछ सवालों का जबाव मांगा गया है और आज भी इन तीनों की ओर से अपना जबाव विजिलेंस को सबमिट किया है, लेकिन अभी तक ये तीनों पूरा रिकार्ड सबमिट नहीं कर पाए हैं और इन्हें कल भी विजिलेंस आफिस बुलाया गया है। मेयर की ओर से अपनी प्राॅपर्टी खरीद में हंबड़ा रोड पर आती कुछ डेयरियाें के प्लाट दिखाए गए और विजिलेंस ने भी इन्हें भी सीरियल वाइस लाने को कहा है।
Big Boss Of 2000 Thousand Crore Scam Arrested But