भले ही प्रदेश में भ्रष्टाचार और रिश्वत विरोधी सरकार होने का दावा करने वाली आम आदमी पार्टी की सरकार में ही नियम कानून को किनारे कर जालंधर नगर निगम में बडे़ घोटाले को हरी झंडी दे दी गई है। जालंधर नगर निगम में ये पूरा घोटाला एडवरटाइजिंग ब्रांच में अंजाम दिया गया है और इसमें नगर निगम कमिश्नर तक की इंवोल्वमेंट सामने आ रही है। लेकिन आम आदमी पार्टी की सरकार में आखिर किसी की मजबूरी में इस घोटाले को हरी झंड़ी दी गई, ये सवाल आम पब्लिक के जहन में उठने लगा है। अब इस पूरे विवाद में मेयर जगदीश राजा ने मोर्चा खोलते हुए इस मामले संबंधी एक पत्र लिख पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से पूरे मामले की जांच करवाने को कहा है। बताया जाता है कि इस पूरे स्कैम में लोकल गर्वमेंट चंडीगढ़ में बैठे अफसर शामिल हैं और उनके इशारे पर ही ये सब कुछ किया जा रहा है। इस पूरे घोटाले को नगर निगम की ओर से 39 यूनिपोल्स की बंदरबांट में अंजाम दिया जा रहा है और सरेआम द पंजाब म्यूनिसिपल आउटडोर एडवरटाइजमेंट पालिसी 2018 की शर्तां की धज्जियां उड़ाई जा रही है। इस पालिसी को सीनियर आईएएस अधिकारी व मौजूदा एडिशनल चीफ सेक्रेटरी सीएम पंजाब ए वेणु प्रसाद (तत्कालीन स्पेशल सेक्रेटरी लोकल गर्वमेंट) की ओर से मंजूरी दी गई थी। बड़ी बात है कि पिछले करीब छह सालों से जालंधर नगर निगम आउटडोर एडवरटाइजिंग का टेंडर सिरे नहीं चढ़ा पाया है और मात्र 39 यूनिपोल्स के टेंडर के जरिए ही विज्ञापन की आमदन ले रहा है। बताया जाता है कि इस पूरे स्कैम में आम आदमी पार्टी के कुछ बाहुबली नेताओं की मिलीभगत हैं, जो लोकल गर्वमेंट आफिस में आला अफसरों से सांठगांठ कर नगर निगम कमिश्नर को फोन करवा इस पूरे घोटाले को अंजाम दे रहे हैं। ------- मुख्यमंत्री मान को भेजे पत्र में सुने क्या लिखा मेयर ने मेयर जगदीश राजा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को भेजे पत्र में कहा है कि बंद कमरे में बिना टैंडर के ही एक खास ठेकेदार को करोड़ों रुपए का विज्ञापन का ठेका देना गलत है, इसमें बड़े घोटाले की बू आ रही है। जिससे इस पूरे मामले की सरकार जांच करवाए। उन्होंने कहा कि मामले की जांच करवा कर टैंडर को रद्द किया जाए औऱ संबंधित अधिकारी और ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। ये है पूरा मामला नगर निगम के अधिकारियों ने बिना ई-टेंडरिंग और ई-नीलामी करवाए मॉडल टाउन जोन के 26 यूनिपोल्ज का ठेका बंद कमरे के अंदर जालंधर की नई कंपनी कंपैक्ट एडवरटाइजिंग को देते हुये पंजाब सरकार की आउटडोर विज्ञापन पॉलिसी की धज्जियां उड़ा कर रख दी। इसी साल मार्च में विज्ञापन ठेका खत्म होने के बाद पुरानी क्रिएटिव कंपनी को 10 प्रतिशत बढ़ाकर नया ठेका दे दिया गया था, लेकिन अब नई कंपैक्ट कंपनी को रेट बढ़ाकर बंद कमरे में ठेका अलॉट कर दिया। सूत्रों बताते हैं कि यह ठेका 5 साल के लिये लगभग 5 करोड़ रुपये में हुआ है जबकि कुछ कंपनियां ऐसी भी थी जो इससे ज्यादा ऑफर कर रही थीं। साल 2018 में सरकार द्वारा जारी आउटडोर एडवरटाइजिंग पॉलिसी में प्रावधान है कि नगर निगम हाउस से प्रस्ताव की मंजूरी के बाद टेंडर या ई-ऑक्शन के माध्यम से विज्ञापन ठेका किसी को दिया जा सकता है। बता दें कि साल 2017 में निगम ने क्रिएटिव डिजाइनर्स को मॉडल टाउन जोन के 59 यूनिपोल के विज्ञापन का ठेका 8.88 करोड़ में दिया था जो 5 साल के लिए लिया था।
Advertisement Scam In Jalandhar Municipal Corporation In Aam Aadmi Party Government