फूड एंड सप्लाई डिपार्टमेंट में ट्रांसपोर्ट टेंडर घोटाला जिसे 2000 करोड़ रुपए तक आंका जा रहा हैं, में अहम आरोपी संदीप भाटिया व जगरुप सिंह की ओरसे आज स्पेशल जज डा. अजीत अत्री की कोर्ट में लगाई अग्रिम जमानत याचिका डिसमिस कर दी गई। इस मामले में संदीप भाटिया के वकील पवन कुमार घई और जगरुप सिंह के वकील आरएस अटवाल की ओर से अपना अपना पक्ष रखा गया, जिसे पर जज ने अपना फैसला देते इन दोनों अग्रिम जमानत याचिका को डिसमिस कर दिया। जबकि सरकार की ओर से इस केस में अमनदीप सिंह पब्लिक प्रोसिक्यूटर के तौर पर शामिल हुए थे। गौर हो कि विजिलेंस की ओर से 16 अगस्त 2022 को इस मामले में एफआईआर नंबर 11 दर्ज करते हुए तेलू राम कांट्रेक्टर, जगरुप सिंह आर्नर/ पार्टनर मैसर्ज गुरदास राम एंड कंपनी व संदीप भाटिया पर धारा 420, 409,467, 468, 471, 120-B IPC and 7, 8, 12, 13 (2) के तहत मामला दर्ज किया था। इस मामले में एफआईआर दौरान पुलिस ने तेलू राम को गिरफतार किया था और इसके बाद तेलू राम से मिले सूबतों के आधार पर बाद में एक्स फूड एंड सप्लाई मंत्री भारत भूषण आशू को भी इस मामले में नामजद कर गिरफतार कर लिया था। कोर्ट में आरोपी पक्ष के वकीलों ने अपने दलील में कहा कि जो ट्रकों के व्हीकल नंबर की जगह स्कूटर मोटरसाइकिल व कार के नंबर डिपार्टमेंट में दे दिए गए वे एक टाइपोग्राफिकल गलती है और बाकी मामला पूरा झूठा है और राजनीतिक प्रतिशोध से जुड़ा हुआ है। लेकिन कोर्ट ने इस पर अपना पक्ष साफ करते इस पूरे मामले में धांधली होने के कारण साफ करते दाेनों याचिका डिसमिस कर दी।
Anticipatory Bail Petition Of Accused Sandeep Bhatia And Jagroop Singh Dismissed