पटियाला जेल में बंद पंजाब के कांग्रेस के पूर्व प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू को कोर्ट ने बड़ा झटका देते हुए उनकी ओर बतौर गवाह पेश होने के कोर्ट आदेश के खिलाफ दायर याचिका को अदालत ने खारिज कर दिया है। सेशन जज मुनीश सिंघल की अदालत ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि पूर्व स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू को बतोर गवाह निचली अदालत में पेश होना पड़ेगा। गौर हो सिद्धू रोड रेज मामले में पटियाला जेल में बंद हैं। सेशन जज की अदालत ने 17 सितंबर को दोनो पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला 19 सितंबर के लिए आरक्षित रख लिया था। सिद्धू ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए पूर्व डीएसपी बलविंदर सिंह सेखों द्वारा एक्स फूड एंड सप्लाई मिनिस्टर भारत भूषण आशु के खिलाफ दायर एक शिकायत मामले में उन्हें गवाह के रूप में तलब करने के निचली अदालत के आदेश को चुनौती दी थी। उनका कहना था कि या तो उसका नाम गवाह के रूप में हटा दिया जाए या वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए उनके बयान दर्ज किए जाएं। अदालत ने इस मामले में कुछ दिन पहले रेविजन पिटीशन का संज्ञान लेते हुए कहा था कि याचिका में बहस योग्य तथ्य थे, इसलिए निचली अदालत को उनकी अदालत के समक्ष निर्धारित सुनवाई की तारीख से आगे केस को स्थगित करने का निर्देश दिया था। गौर हो कि कुछ अर्सा पहले सीजेएम सुमित मक्कड़ की कोर्ट ने सिद्धू को गवाह के तौर पर तलब किया था । इसके बाद, उन्होंने अपने वकील के माध्यम से सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अदालत के समक्ष एक आवेदन दिया था कि उसे गवाहों की सूची से हटा दिया जाए लेकिन सीजेएम ने उनके आवेदन को इस टिप्पणी के साथ खारिज कर दिया कि गवाह के रूप में सिद्धू की उपस्थिति बहुत जरूरी थी। आदेश जारी करते हुए, सीजेएम ने कहा था कि यह देखा जा सकता है कि शिकायतकर्ता पूर्व डीएसपी सेखों का केस है कि उन्हें तत्कालीन स्थानीय निकाय मंत्री सिद्धू द्वारा एक जांच सौंपी गयी थी। हालांकि, शिकायतकर्ता को जांच करने से रोकने के लिए पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु ने उन्हें फोन किया और धमकी भी दी थी।
Court Shock To Navjot Sidhu Petition Filed Against The Order To Appear As A Witness Dismissed