आलमगीर (लुधियाना)/26सितंबर: शिरोमणी अकाली दल के अध्यक्ष सरदार सुखबीर सिंह बादल ने आज कहा है कि खालसा पंथ शिरोमणी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) को तोड़ने की गहरी साजिश को नाकाम करने के लिए डटकर मुकाबला करेगा। यहां ऐतिहासिक गुरुद्वारा मंजी साहिब में पंजाब और हरियाणा के एसजीपीसी सदस्यों की मीटिंग को संबोधित करते हुए अकाली दल अध्यक्ष ने हरियाणा कमेटी को जायज ठहराना सिख पंथ पर सीधा हमला बताया है। उन्होने गुरुद्वारे में एकत्र संगत से कहा, ‘‘ समय आ गया है कि हम अपने न्यायोचित अधिकारों को दोबारा प्राप्त करने के लिए निंरतर आंदोलन करने के लिए खुद को तैयार करें’’। स्रदार बादल ने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की अगुवाई वाली हुडडा सरकार ने हरियाणा के गुरुद्वारों के प्रबंधन को अलग प्रबंध कमेटी को जायज ठहराने के लिए अधिनियम पारित किया तथा कैप्टन अमरिंदर सिंह की पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार और भगवंत मान की अगुवाई वाली वर्तमान सरकार ने अदालत में एसजीपीसी विरोधी रूख अपनाया है। उन्होने कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली वर्तमान सरकार ने अदालत में एसजीपीसी को कमजोर करने का काम कर रही है और उसने इस रणनीति के तहत दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी (डीएसजीएमसी) को अपने कब्जे में ले लिया था। यह कहते हुए सरदार बादल ने कहा कि शिरोमणी अकाली दल इस कदम का विरोध करने के अलावा अदालत में इस मुददे को उठाने के लिए तैयार है। उन्होने कहा कि 30 सितंबर को एसजीपीसी के जनरल हाउस की एक इमरजेंसी मीटिंग के बाद संघर्ष को अंतिम रूप दिया जाएगा। इस अवसर पर बोलते हुए एसजीपीसी अध्यक्ष सरदार हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि जिस तरह से केंद्र सरकार सिख समुदाय के धार्मिक मामलों में दखल दे रही है उससे पूरे सिख समुदाय में रोष है। उन्होने कहा कि एसजीपीसी ने पहले हरियाणा सिख गुरुद्वारा (प्रबंधन) (एसएसजीएमसी) अधिनियम, 2014 को वैध ठहराने वाले सुप्रीम कोर्ट के आदेश को खारिज कर दिया था। उन्होने कहा, ‘‘ हमें लगता है कि फैसला राजनीति से प्रेरित है। हम संगत की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए इसका विरोध करने की रणनीति बनाएंगें’’। वरिष्ठ नेता सरदार महेशइंदर सिंह ग्रेवाल और डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने मामले के कानूनी पहलूओं के बारे में बात करते हुए कहा कि कांग्रेस और आप पार्टी की सरकारों ने सिख समुदाय की पीठ में छूरा घोंपा है। मीटिंग को वरिष्ठ नेता बीबी जागीर कौर , गोबंद सिंह लोंगोंवाल, कृपाल सिंह बंडूंगर और रघुजीत सिंह विर्क ने भी संबोधित किया । मीटिंग में एसजीपीसी द्वारा सुप्रीम कोर्ट के फैसले को एक स्वर में खारिज करने के प्रस्ताव का समर्थन किया गया। हरियाणा के सदस्यों में हरभजन सिंह मसाना, बलदेव सिंह करीमपुरी और जगसीर सिंह मंगेना ने भी सभा को संबोधित किया।
Khalsa Panth Will Fight Tooth And Nail To Defeat Conspiracy To Break The Sgpc