सोलर लाइट घोटाले में विजिलेंस की ओर से आज कांग्रेस के सीनियर नेता और मुल्लापुर दाखा इंचार्ज कैप्टन संदीप संधू के मोहाली निवास और मुल्लापुर स्थित ऑफिस में छापामारी की है। विजिलेंस की ओर से इस घोटाले में बीते सप्ताह कैप्टन संदीप संधू को भी नामजद किया है, जिसके बाद से कैप्टन संदीप संधू को गिरफ्तार करने के लिए विजिलेंस की ओर से ये छापामारी की जा रही है। गौर हो कि जब कैप्टन अमरिंदर सिंह पंजाब के मुख्यमंत्री थे, तब कैप्टन संदीप संधू उनके ओएसडी की भूमिका निभा रहे थे। ये सोलर लाइट घोटाला लुधियाना जिले के तहत आते सिधवां बेट ब्लॉक में अंजाम दिया गया है, जिसमें ₹65 लाख का घोटाला सामने आ रहा है। कैप्टन संदीप संधू की इस केस में नामजदगी से मुश्किलें इस लिए ओर भी बढ़ने वाली है, क्योंकि मुल्लांपुर के साथ जगराओ व रायकोट तक ये सोलर लाइटों की सप्लाई उनके रिश्तेदार की ओर से की गई है। जिसमें सरकारी ग्रांट के दुरपयोग करने को फर्जी कंपनी बनाकर सरकारी रेटों से कहीं ज्यादा दामों पर सोलर लाइट खरीद कर सरंपचों को सप्लाई की गई थी। इस मामले में सबसे पहले सिधवां बेट ब्लॉक में हुए स्ट्रीट लाइट घोटाले में विजिलेंस की ओर से ब्लॉक चेयरमैन लखविंदर सिंह और बीडीपीओ तलविंदर सिंह कंग को गिरफतार किया गया था। जिसके बाद इस पूरे घोटाले में कैप्टन संदीप संधू के रिश्तेदार (साला) हरप्रीत सिंह का नाम सामने आया था और जिसके बाद विजिलेंस ने हरप्रीत सिंह को भी नामजद कर लिया था। आज ब्लॉक चेयरमैन लखविंदर सिंह और बीडीपीओ तलविंदर सिंह कंग को पांच दिन के पुलिस रिमांड के बाद जेल भेज दिया गया। जबकि इस मामले में एक अन्य आरोपी गौरव शर्मा जिसने ये सोलर लाइट दोगुने तिगुने रेट पर सप्लाई की थी, की ओर से सेशन कोर्ट में लगाई गई अग्रिम जमानत याचिका रदद हो गई। इस पूरे मामले में बीडीपीओ की ओर से चेयरमैन पंचायत समिति लखविंदर सिंह को लिखा गया पत्र सबसे बड़ा सबूत माना जा रहा है। इसी पत्र के चलते ही विजिलेंस की ओर से कैप्टन संदीप संधू के रिश्तेदार को भी नामजद किया गया है। गौर हो कि ये मामला दाखा विधानसभा से आम आदमी पार्टी की टिकट पर चुनाव लडे़ डा.केएन कंग की ओर से कुछ समय पहले उठाया था और इसकी शिकायत भी पंजाब के मुख्यमंत्री व विजिलेंस को की थी। ----------- जानें क्या है पूरा मामला सिधवां बेट के तहत आते करीब 26 गांवों में 45 व 60 वॉट की सोलर लाइटें लगाने को सरकारी ग्रांट दी जानी थी। इसी ग्रांट को हासिल करने को पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के ओएसडी रहे कैप्टन संदीप संधू के रिश्तेदार हरप्रीत सिंह (साला) ने सिधवां बेट समिति के चेयरमैन लखविंदर सिंह के साथ मिलकर बीडीपीओ पर पालिटिक्ल दबाव बनाया और इसके बाद बीडीपीओ तलविंदर सिंह कंग ने मेसर्स अमर इलेक्ट्रिकल इंटरप्राइजेज के मालिक गौरव शर्मा के साथ मिलीभगत करते हुए जानबूझकर 3,325 रुपये की मंजूरशुदा रेट के मुकाबले 7,288 रुपये प्रति लाइट की दर से लाइटों की खरीद फाइनल की व इसका 65 लाख रुपए का चैक मेसर्स अमर इलेक्ट्रिक्ल के नाम कटवा दिया। इतना ही नहीं इन 26 गांवों में ये लाइटें तो नहीं लगी, लेकिन मामला बड़ी घोटाले बाजी का था, इसलिए सोलर लाइट लगे बिना ही ठेकेदार को कंपलिशन सर्टिफिकेट भी जारी कर दिया गया। इस संबंधी बीडीपीओ ने चेयरमैन को एक पत्र भी लिखा है, जो अब इस पूरे मामले की गले की फांस बन गया है। ये मामला स्कैंडल ने बन जाए, इसके लिए चार पांच गांवों में केवल खानापूर्ति करने को 40 वॉट की कुछ सोलर लाइटें लगा भी दी गई। विजिलेंस इन्क्वायरी नंबर 03 दिनांक 12-07-2022 की जांच के बाद इस मामले में आईपीसी की धारा 409, 120-बी और धारा 13 (1) (ए), 13 (2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर संख्या 10 दिनांक 27-09-2022 दर्ज की। जिसमें तलविंदर सिंह कंग बीडीपीओ, चेयरमैन लखविंदर सिंह और मेसर्स अमर इलेक्ट्रिकल इंटरप्राइजेज के गौरव शर्मा को नामजद किया था।
Vigilance Raid On Congress Leader Captain Sandeep Sandu Resident