लुधियाना। लुधियाना में 65 लाख के सोलर लाइट्स घोटाले में पूर्व सीएम अमरिंदर सिंह के ओएसडी रहे कैप्टन संदीप सिंह संधू नामजद है। कैप्टन संदीप संधू की गिरफ्तारी के लिए विजिलेंस लगातार छापामारी कर रही थी। इस बीच खबर सामने आई है कि हाईकोर्ट ने कैप्टन संधू की जमानत याचिका मंजूर कर ली है। कैप्टन संदीप संधू को बड़ी राहत मिली है। करीब 3 महीने से लगातार वह भी विजिलेंस से बचते हुए फरार चल रहे थे। विजिलेंस लगातार उनके कई रिश्तेदारों के घर और ठिकानों पर भी छापामारी कर चुकी थी। विजिलेंस ने मोहाली, चंडीगढ़, जगराओं, मुल्लांपुर दाखा, मुक्तसर, जीरा आदि जगहों पर टीमें भेजी थी लेकिन संदीप संधू उन्हें नहीं मिले थे। विजिलेंस लगातार संदीप संधू के रिश्तेदारों पर भी शिकंजा कसती रही है। करीब 8 से 10 रिश्तेदारों को संदीप संधू के बारे पूछताछ के लिए विजिलेंस ने हिरासत में लिए थे। संदीप संधू की जायदाद का भी विजिलेंस रिकार्ड खंगाल रही है। यह है मामला मिली जानकारी के अनुसार, विजिलेंस जांच में यह पाया गया कि सतविंदर सिंह बीडीपीओ सिधवां बेट ब्लॉक को अपनी पोस्टिंग के दौरान 26 गांवों में स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए सरकारी अनुदान मिला था। उक्त बीडीपीओ ने मेसर्स अमर इलेक्ट्रिकल इंटरप्राइजेज के मालिक गौरव शर्मा के साथ मिलकर 3,325 रुपए की बजाय 7,288 रुपए प्रति लाइट की दर से लाइटें खरीदी। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने 65 लाख रुपए के सरकारी फंड का दुरुपयोग किया और राज्य के खजाने को वित्तीय नुकसान पहुंचाया। सतविंदर सिंह कंग बीडीपीओ और मेसर्स अमर इलेक्ट्रिकल इंटरप्राइजेज के गौरव शर्मा के खिलाफ थाना विजिलेंस लुधियाना में मामला दर्ज है। इस मामले में कैप्टन संदीप संधू को भी विजिलेंस ने नामजद किया था।ॉ
Big Relief To Captain Sandeep Sandhu In Street Light Scam High Court Approves Bail Plea