चंडीगढ़। पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने प्रदेश के इंडस्ट्रियल प्लॉट की अलॉटमेंट और खरीद-फरोख्त मामले में दर्ज केस में पूर्व मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा को वीरवार चंडीगढ़ कोर्ट में पेश किया। जहां से उन्हें एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। आशंका है कि शाम सुंदर अरोड़ा से पूछताछ में बड़े खुलासे हो सकते हैं। क्योंकि शाम सुंदर अरोड़ा के मंत्री रहते हुए ही यह घोटाला हुआ था। तत्कालीन कांग्रेस सरकार में हुआ खुलासा पंजाब विजिलेंस को करीब 500 इंडस्ट्रियल प्लॉट की अलॉटमेंट/ट्रांसफर गलत तरीके से किए जाने संबंधी शिकायत दी गई थी। इसकी पड़ताल और दस्तावेजों के आधार पर विजिलेंस ने यह कार्रवाई की है। आरोप हैं कि मंत्री व अधिकारियों ने मिलीभगत से एक रियाल्टर फर्म को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए इंडस्ट्रियल प्लॉट्स को मार्केट वैल्यू के मुकाबले अपने चहेतों को कौड़ियों के भाव अलॉट कर बाद में उन्हें महंगे दाम पर बेचा है। जिसके चलते विजिलेंस ने पूर्व मंत्री शाम सुंदर अरोड़ा समेत कुल 14 सीनियर अफसरों को नामजद किया है। इनमें से पंजाब स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (PSIDC) के कुल 7 IAS और PCS अधिकारियों को गिरफ्तार भी कर लिया गया है। आरोपियों में PSIDC के CGM, XEN और अन्य अधिकारी शामिल हैं। उद्योगों को बढ़ावा देने को अलॉट की जमीन पंजाब में उद्योगों को बढ़ावा देने के मकसद से पंजाब सरकार ने आनंद लैम्प्स लिमिटेड को 25 एकड़ जमीन साल 1987 में सेल डीड द्वारा अलॉट की थी। इसे बाद में सिग्नीफाई इनोवेशन नाम की फर्म को ट्रांसफर किया गया। पंजाब स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (PSIDC) से NOC लेने के बाद सिग्निफाई इनोवेशन द्वारा सेल डीड के माध्यम से इस प्लॉट को गुलमोहर टाउनशिप को बेचा गया था।
Former Minister Sham Sundar Arora On One Day Remand In Case Of Allotment Of Industrial Plot Of Punjab