ई न्यूज पंजाब, लुधियाना शिरोमणि अकाली दल की ओर से घोषित उम्मीदवार मनप्रीत सिंह अयाली ने दाखा विधानसभा के चुनावी मैदान में उतरने से पहले अमृतसर में हरमिंदर साहिब में माथा टेक अपनी जीत की अरदास की। चुनावी गतिविधियों संबंधी पूछे जाने पर अयाली ने कहा कि पहले गुरु के घर माथा टेक लिया है औरअब वे चुनावी मैदान में उतरने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। उन्होंने कहा कि दाखा विधानसभा के लोगों ने बडे़ विशवास के साथ पिछले विधानसभा में एचएस फूल्का को जीत का ताेहफा दिया था। लेकिन एचएस फूल्का के बाहरी चेहरा होने का विधानसभा के लोगों को छह महीने में ही पता चल गया था और अब फिर से कांग्रेस की ओर से उतरा गया उम्मीदवार बाहरी चेहरा है, ये समझने में उन्हें अधिक देर नहीं लगेगी। उन्होंने कहा कि दाखा विधानसभा को संवारने के लिए इस समय ऐसे उम्मीदवार की जरुरत है जो लोगों की समस्या उनके घर आकर सुने और इनके हल को हर समय उपलब्ध रहे। वहीं दूसरी ओर पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के ओएसडी व दाखा विधानसभा से कांग्रेस के उम्मीदवार कैप्टन संदीप संधू वीरवार को दाखा विधानसभा का दौरा करेगे। संधू के लिए ये पहली बार होगा कि वे राजनीतिक तौर पर दाखा विधानसभा में पहला दौरा करेंगे और यहीं से अपने लिए वोट मांगेंगे। एक बात साफ है कि दाखा विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के दिग्गज नेताओं का जमावड़ा यहां पर अगले कुछ दिनों में लगने वाला है। दाखा विधानसभा लुधियाना शहर से एकदम साथ लगता विधानसभा क्षेत्र है और फिलहाल लुधियाना शहर की डेवलपमेंट से शहरवासी भी अधिक खुश नहीं है। इतना ही नहीं डेवलपमेंट को लेकर लुधियाना के कांग्रेसी विधायकों की आपसी लड़ाई जगजाहिर हो चुकी है। उक्त सीट से त्रिकोना मुकाबले के लिए सबसे अहम भूमिका इस सीट से आम आदमी पार्टी की ओर से उतारे गए अमनदीप सिंह मोही का चेहरा है। मोही के लिए भी इस बार ये विधानसभा क्षेत्र कब्जाने आसान नहीं होगा। चुनाव जीतने के बाद फुल्का का विधानसभा से आउट हो जाना आप के लिए इस चुनाव में बड़ा दाग साबित हो सकता है। तीनाें उम्मीदवारों में से अयाली के पास डेवलपमेंट के नाम पर वोट मांगना सबसे आसान बात करें दाखा विधानसभा के चुनावी दंगल का तो इस बार भी त्रिकोना मुकाबले फिर से कांटे का रहने वाला है। लेकिन इस बार का उपचुनाव साल 2017 के चुनाव से कुछ हटकर रहने वाला है। उसका बड़ा कारण है कि आम आदमी पार्टी के विजेता उम्मीदवार की ओर से दो साल के भीतर ही उक्त विधानसभा को छोड़ जाना और दूसरी ओर बीते दो से ढाई साल में कांग्रेस की डेवलपमेंट करवाने में नाकामी दिखाई दे रहा है। जबकि अकाली उम्मीदवार मनप्रीत सिंह अयाली की ओर से करवाई गई डेवलपमेंट और इसके बाद बीते ढाई साल में किसी भी राजनीतिक नेता की ओर से इलाके की सुध न लेना बड़ा प्लस प्वाइंट दिखाई दे रहा है। ------------- अकाली भाजपा कार्यकाल की डेवलपेंट अयाली को ला सकता है मजबूत स्थिति में बात करें दाखा विधानसभा में पिछले ढाई साल की डेवलपमेंट की तो कांग्रेस कार्यकाल में जिस गांव के लिए 4 करोड़ रुपए की ग्रांट का एलान किया गया, वहां पर केवल 4 लाख रुपए की ग्रांट पहुंची है। ऐसे में दाखा विधानसभा में लाए गए सभी बडे प्रोजेक्ट अकाली भाजपा कार्यकाल की ओर ही इशारा कर रहे हैं। जिनमें सबसे अहम उक्त इलाके में तैयार करवाए गए इंटरनेशनल स्तर के 70 स्पोर्टस पार्क पर करीब 40 करोड रुपए के काम, 100 किलोमीटर की सड़कें चाैड़ी करना, 100 फीसदी पानी सीवरेज की व्यवस्थ करना अहम है। इसके अलावा ये अहम प्रोजेक्ट जिनहें अकाली भाजपा कार्यकाल में तैयार किया गया है। इनमें केवल मुल्लापुर शहर में आठ बडे़ प्रोजेक्ट अयाली की ओर से करवाई डेवलपमेंट की कहानी को बयां करते हैं। 1 अंबेदकर भवन 2 पशु अस्पताल 3 जरनल अस्पातल 4. 20 एकड़ में दाना मंडी 5. मार्डन थाने की बिल्डिंग 6. मार्केट कमेटी का दफतर 7 सीवरेज वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट 8 छह एकड़ में खेल पार्क
political parties announce our candidates for Dhaka election