लुधियाना। पंजाब के 1200 करोड़ रुपए के सिंचाई घोटाले में विजिलेंस बड़े एक्शन की तैयारी है। विजिलेंस ने पूर्व मंत्री और अकाली नेता शरणजीत ढिल्लो और जनमेजा सिंह सेखों को फिर से तलब किया है। 1 फरवरी को शरणजीत सिंह ढिल्लों से और 2 फरवरी को जनमेजा सिंह सेखों से पूछताछ होगी। इसी तरह 3 फरवरी को तीन IAS अधिकारियों को विजिलेंस ने ऑफिस में बुलाया है। 2007-2012 और 2012-2017 के बीच अकाली सरकार में सिंचाई मंत्री रहे शरणजीत सिंह ढिल्लों और जनमेजा सिंह सेखों इस घोटाले के मुख्य आरोपी हैं। क्रॉस चेक होंगे बैंक खाते विजिलेंस ने जिन लोगों को तलब किया है इन सभी की प्रॉपर्टियों का खाका तैयार कर लिया है। बताया जा रहा है कि इन सभी को भी अपनी प्रॉपर्टी का रिकॉर्ड और बैंक खातों की डिटेल लाने को कहा गया है। इन सभी के रिकॉर्ड क्रॉस चेक किए जाएंगे। इन सभी तथ्यों के मुताबिक ही जांच आगे बढ़ाई जाएगी। इसके साथ विजिलेंस पूर्व मंत्रियों के पीए और अन्य कुछ करीबी लोगों को भी जांच में शामिल करने की तैयारी में है। ठेकेदारों से रिश्वत लेने का आरोप विजिलेंस इस मामले में ढिल्लों और सेखों के साथ-साथ पंजाब के पूर्व चीफ सेक्रेटरी सर्वेश कौशल, पूर्व स्पेशल चीफ सेक्रेटरी केबीएस सिद्धू और पूर्व सेक्रेटरी केएस पन्नू के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी कर चुकी है। इन लोगों पर एक ठेकेदार से रिश्वत लेकर सिंचाई विभाग में 1200 करोड़ रुपए के काम देने का आरोप है। 4.75 करोड़ से बनी 300 करोड़ की कंपनी आरोप है कि पन्नू ने 10 साल में अरबपति बने ठेकेदार गुरिंदर सिंह के करोड़ों के टेंडर की 4 फाइलों को मंजूरी दी थी। गुरिंदर की 2006 में 4.75 करोड़ रुपए की कंपनी थी, जो बढ़कर 300 करोड़ रुपए की हो गई थी।
Vigilance Big Action In Irrigation Scam Former Ministers Sharanjit Dhillon And Janmeja Sekhon And Three Ias Officers Summoned Asked For Bank Account And Land Data