चंडीगढ़। पंजाब की महिला आयोग की चेयरपर्सन मनीषा गुलाटी को पद से हटा दिया गया है। मनीषा गुलाटी की टर्म को पंजाब सरकार ने 18 सितंबर 2020 को बढ़ाया था। सोशल सिक्योरिटी वूमेन और चाइल्ड विभाग द्वारा जारी आदेशों के मुताबिक, सरकारी नियमों में किसी तरह का ऐसा नियम नहीं था कि उनकी टर्म को बढ़ाया जा सके। इस कारण उन्हें चेयरपर्सन बनाने के आदेश को वापस लिया गया है। बता दें कि पंजाब महिला आयोग की चेयरपर्सन रही मनीषा गुलाटी पहले कांग्रेस में थी। जिन्होंने कांग्रेस को अलविदा कहकर भाजपा का दामन थाम लिया था। कांग्रेस छोड़ते ही उन्होंने सीएम चरणजीत सिंह चन्नी पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कांग्रेस में रहते हुए उनकी डिग्निटी को हर्ट किया गया था। हिंदू होने के कारण उन्हें टारगेट किया गया और पर्सनल रंजिश निकाली जा रही थी। महिलाओं के मामलों में आवाज उठाई कैप्टन अमरिंदर सिंह की खास मनीषा गुलाटी सीएम चरणजीत सिंह चन्नी के मीटू मामले को उठाने के बाद लाइमलाइट में आई थी। मनीषा गुलाटी अकसर महिलाओं के हक में फैसले को लेकर चर्चा में रहती है। महिलाओं की दिक्कतों के अलावा विदेश भाग चुकी महिलाओं के पतियों की आवाज भी मनीषा गुलाटी ने उठाई थी। मनीषा गुलाटी कैप्टन अमरिंदर सिंह की नजदीकी मानी जाती हैं। कैप्टन ने ही सीएम बनने के बाद मनीषा को चेयरपर्सन का पदभार सौंपा था। पूर्व सीएम के मीटू मामले में हुई थी लाइमलाइट पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी पर 2 साल पहले लगे मीटू मामले को मनीषा गुलाटी ने ही उठाया था। कार्रवाई करते हुए नोटिस भी जारी किया गया था, लेकिन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह दखलअंदाजी के बाद मामला शांत हुआ। चन्नी के सीएम बनते ही यह मामला फिर चर्चा में आया था।
The Chairperson Of The Womens Commission Of Punjab Was Removed The Department Said That There Is No Rule To Extend The Working Term