ई न्यूज पंजाब डेस्क, लुधियाना कई विधायकों के साथ पीए के तौर पर साथ निभा चुके गोल्डी शर्मा की एक फेसबुक पोस्ट आजकल बहुत वॉयरल होती दिखाई दे रही है, जिसमें उसकी ओर से अवैध रेहडियों के धंधे के नाम एक विधायक को 1.50 लाख रुपए, एक जोनल म्यूनिसिपल कमिश्नर 50 हजार रुपए व एक एसबी नाम के कुलेक्टर 30 हजार रुपए दिए जाने का खुलासा किया है। हालांकि गोल्डी शर्मा की ओर से अपने फेसबुक वॉल से ये पोस्ट हटा ली गई है, लेकिन अब ये लोगों के व्हाटसएप पर वॉयरल जरुर हो रही है। ई न्यूज पंजाब वैबचैनल की ओर से गोल्डी शर्मा से मोबाइल पर फोन कर ये जानने की कोशिश भी कि वे अपनी पोस्ट में किस एमएलए, जोनल कमिश्नर व एसबी के नाम के शख्स की बात कर रहा है और उसकी ओर से ये पोस्ट क्यों व किसके दबाव में हटाई गई, लेकिन बार बार कॉल करने पर भी उसने फोन नहीं उठाया। हालांकि इस पोस्ट में उसने घुमार मंडी कल्याण ज्चैलर्स के नजदीक लगने वाली चौपाटी का जिक्र भी किया है। बड़ी बात है कि यहां पर रानी झांसी रोड पर बहुकरोड़ी इंप्रूवमेंट ट्रस्ट कांप्लेक्स के बाहर एक दर्जन से अधिक रेहडियां सड़क किनारे लगाई जा रही है, लेकिन ईमानदार नगर निगम की तहबाजारी ब्रांच इन पर कार्रवाई करने की बजाय यहां पर अवैध रेहडियों की तादाद बढ़ाने में जुटी हुई है। इसमें कोई शक नहीं कि यहां पर रेहड़ी लगवाने में पिछले कुछ समय बड़ा खेला चल रहा है, जो चर्चा में बना हुआ है। इन रेहडियों को लगवाने के नाम पर लाखों रुपए हर महीने किसे दिया जा रहा है कि इसकी कोई पुष्टि ई न्यूज पंजाब नहीं करता, लेकिन इस खबर का पूरा दावा वाॅयरल हुई फेसबुक पोस्ट के साथ है। अब नगर निगम की कारगुजारी पर उठ रहे सवाल बड़ी बात है कि करीब दो महीने पहले यही रेहडियां पहले इसी कांपलेक्स की हद में लगती थी और तब इन रेहडियों को राजनीतिक दबाव में आ इंप्रूवमेंट ट्रस्ट अफसरों ने हटवा दिया था। इस कार्रवाई के अगले ही दिन ये रेहडियां सड़क पर लगा दी गई, जिस पर नगर निगम की तहबाजारी ने तुरंत एक्शन करते शाम में ही ये रेहडियां अपने कब्जे में ले ली और मौके पर कोई रेहड़ी नहीं लगने दी। इसके बाद यही रेहडी वाले स्थानीय आप विधायक के घर पहुंच गए और इन्हीं विधायक महोदय की सिफारिशी पत्र पर फिर से सरकारी कापंलेक्स की हद में ये रेहडियों का बाजार लगाने की इजाजत ट्रस्ट अफसरों ने दे दी। लेकिन इसी के कुछ दिन बाद ट्रस्ट का कार्यभार नए चेयरमैन तरसेम सिंह भिंडर ने संभाल लिया। जब उन्हें इस पूरे प्रकरण की जानकारी अफसरों से मिली तो उन्होंने दस जनवरी का अल्टीमेटम रेहडी वालों को जारी कर दिया। जिसके बाद दस जनवरी को सभी रेहडियां इस कांपलेक्स के दायरे से बाहर कर दी गई और कापंलेक्स के आसपास कंटीली तारों की बाड़ लगा दी गई। लेकिन इसके अगले ही दिन नगर निगम अफसरों के आशीर्वाद से ये रेहडियां इसी कांपलेक्स के ठीक आगे सड़क पर लगा दी गई। अगर निगम ने पहले इन अवैध रेहडियों पर कार्रवाई की थी तो अब इन पर कार्रवाई के नाम पर निगम खामोश क्यों है। अगर निगम ईमानदारी से काम करे तो मौके पर दो क्रेन व ट्रक पक्के ही शाम को खड़े कर इस अवैध रेहड़ी बाजार को लगने से रोका जा सकता है। लेकिन जब मामला रेहड़ी के नाम पर मोटी कमाई का हो तो खुद को ईमानदार बताने वाले अफसरों के भी मुंह में पानी आने लगता है।
Viral Post After All Which Mla Is Getting More Than Lakh And Thousands To The Zonal Commissioner For The Protection Of Illegal Chowpatty