चंडीगढ़। पंजाब के प्राइवेट अस्पतालों में हुआ एक्स सर्विसमैन कंट्रीब्यूटरी हेल्थ स्कीम (ईसीएचएस) घोटाला पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच चुका है। इस मामले में जहां पंजाब पुलिस के अधिकारियों ने अमृतसर के 15 डॉक्टरों को क्लीन चिट दे दी थी, अब इसी मामले में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के साथ-साथ केंद्र सरकार से स्टेटस रिपोर्ट भी मांग ली है। पंजाब की अमृतसर पुलिस की तरफ से ईसीएचएस घोटाले में की गई इंक्वायरी के खिलाफ आरटीआई एक्टिविस्ट गुरमीत सिंह बबलू ने हाईकोर्ट में क्रिमिनल रिट पिटीशन दायर कर दी। जिसके बाद हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार, एडीजीपी सिक्योरिटी, कमिश्नर ऑफ पुलिस अमृतसर, स्टेशन हाउस ऑफिसर कंटोनमेंट के अलावा सेक्रेटरी मिनिस्टर ऑफ डिफेंस और मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर नई दिल्ली से स्टेटस रिपोर्ट मांग ली है। इस मामले की अगली सुनवाई 6 मार्च को निर्धारित की गई है। पंजाब सरकार की तरफ से एडीशन एजी संजीव सोनी और केंद्र की तरफ से श्रीगीता श्रीवास्तवा कोर्ट में पहुंचे। आर्मी ब्रिगेडियर ने की थी इंक्वायरी इस घोटाले के पंजाब में अमृतसर और पठानकोट में दो दो मामले सामने आए थे। अमृतसर स्टेशन कमांडर ब्रिगेडियर एमडी उपाध्याय ने मामले की इंटर इंक्वायरी करवाई थी। जिनमें 40 से अधिक विटनेस के बयान लिए। जिसके बाद एमडी उपाध्याय ने 16 डॉक्टरों के खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए अमृतसर पुलिस को कहा था। पंजाब पुलिस ने एक पठानकोट और दूसरी शिकायत अमृतसर में दर्ज की, लेकिन इसके बाद डॉक्टरों ने इंक्वायरी की एप्लिकेशन दे दी। मामले की जांच IPS रैंक के अधिकारी संदीप मलिक को सौंपी गई। पुलिस ने इंक्वायरी में 15 डॉक्टरों को निर्दोष करार दे दिया। मामले में मंत्री का भी नाम आया सामने ईसीएचएस घोटाला मामले में पंजाब के एक आम आदमी पार्टी के मंत्री का भी नाम शामिल है, लेकिन चुनावों से पहले पुलिस इंक्वायरी में उन्हें क्लीन चिट दे दी गई। अब जब मामला हाईकोर्ट में पहुंचा है तो अमृतसर-पठानकोट के डॉक्टरों के अलावा आप सरकार के एक मंत्री, पंजाब पुलिस और पंजाब सरकार के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
In The Echs Scam The High Court Sought A Status Report From The Central And State Governments The Name Of A Minister Also Came To The Fore