पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने पंजाब में रेत और बजरी खनन में 400 करोड़ रुपए के घोटाले का स्कैम मीडिया के समक्ष लाया है। इस संबंधी चंडीगढ़ में प्रेस कांफ्रेस कर मजीठया ने खुलासा किया कि रेत और बजरी ले जाने वाले वाहनों से रियाल्टी वसूली में ये 400 करोड़ के स्कैम को अंजाम दिया गया है और इसमें आम आदमी पार्टी के दो ठेकेदारों पर मेहरबान हैं। जिनकी कईं शिकायतें होने के बावजूद उन्हें दोबारा से आप सरकार की ओर से टेंडर दे दिया गया। मजीठिया ने इस पूरे मामले की सीबीआई जांच करवाने की मांग रखी हैं। मजीठिया ने कहा कि पंजाब में रेत व बजरी के रोजाना 2 हजार के करीब टिप्पर साथ लगते राज्यों से आते हैं और आप सरकार उनकी कुल कीमत का आधा लॉयल्टी के तौर पर उनसे हड़प रही है। रेत खनन माफिया सरगना पिछली कांग्रेस सरकार से जुड़े एक महीने बाद ही उन्हें बर्खास्त कर दिया गया था। इस पूरे घोटाले में उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधते कहा कि मुख्यमंत्री ने आप संयोजक अरविंद केजरीवाल के साथ इस लीग में रॉयल्टी घोटाले का नेतृत्व किया। शिअद नेता ने इस दौरान रसीदें दिखाईं कि कैसे रेत पर सरकार द्वारा घोषित 7 रुपये प्रति क्यूबिक फीट लॉयल्टी का केवल एक अंश राज्य सरकार द्वारा एकत्र किया गया था। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि कैसे नई खनन नीति ने मुख्यमंत्री को अंतरराज्यीय वाहनों पर रॉयल्टी तय करने का अधिकार दिया गया था और जोर देकर कहा कि इस खाते पर एकत्र किए गए अधिकांश धन राज्य के खजाने के बजाय सीधे आप को जा रहे थे। बिक्रम मजीठिया ने यह भी दावा किया कि दो खनन माफिया सरगना राकेश चौधरी और अशोक चांडक को आप के लिए पैसा इकट्ठा करने के एकमात्र उद्देश्य से एक गुप्त सौदे के तहत पंजाब में खनन का ठेका दिया गया था। उन्होंने कहा कि पिछले साल 21 दिसंबर को मोहाली और रोपड़ जिलों में रेत खनन के चौधरी के अनुबंध को समाप्त करने के बाद, आप सरकार ने इस साल 27 जनवरी को उसे फिर से वही जोन देकर उनका नया ठेका कर दिया। जबकि रोपड़ जिले में चौधरी के खिलाफ चार मामले दर्ज किए जा चुके हैं। मजीठिया ने कहा कि दूसरे ठेकेदार अशोक चांडक, जो कांग्रेस आलाकमान के भी बेहद करीबी थे, को भी पिछले साल 21 दिसंबर को उनके ठेके को समाप्त करने का आदेश दिया गया था, जिसे पिछले महीने 31 जनवरी को नवीनीकृत कर दिया गया। उन्होंने कहा कि चांडक को लुधियाना, जालंधर और नवांशहर के उन्हीं स्थलों से नवाजा गया है, जहां से वह पहले कांग्रेस सरकार में रेत का खनन करता था।
Sad Demands Cbi Probe Into Rs 400 Crore Sand Mining Scam