रिश्वतखोरी मामले में विधायक अमित रतन की गिरफ्तारी के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की ओर से अपने मंत्रियों और विधायकों को यह आदेश जारी कर दिए गए हैं कि वे अपने रिश्तेदारों और नज़दीकियों को अपना पीए ना लगाएं। इसके साथ-साथ उन्होंने साफ कर दिया है कि अगर उनके किसी करीबी और पीए पर अगर किसी भी तरह के आरोप लगते हैं तो उसे तुरंत हटाने की कार्रवाई हो तो विधायक खुद कारवाई करें। उन्होंने यह भी साफ किया कि अगर किसी विभाग के अधिकारी को फोन करते हैं तो उनके पीए फोन ना करें खुद विधायक फोन करके काम करवाए। बड़ी बात है कि लुधियाना में कई विधायक ऐसे हैं जिनके जिनके नजदीकी रिश्तेदार पीए के तौर पर साथ जुड़े हुए हैं । लुधियाना के दो-तीन विधायक तो ऐसे हैं जिनके साथ आधा दर्जन के करीब रिश्तेदार व नजदीकी पीए बन कर काम कर रहे हैं और केवल सरकारी विभागों में यह फोन ही नहीं करते बल्कि खुद पीए बन चेकिंग करने तक पहुंच जाते हैं और उनके आधार पर ही जिला प्रशासन व पुलिस कार्रवाई को अंजाम दे देती है । इसलिए पंजाब के मुख्यमंत्री की ओर से जारी किए गए इस हुकम के बाद अब देखने वाली बात होगी कि लुधियाना के विधायक उनके इन आदेश को किस हद तक अमल में लाते हैं और पीए के तौर पर काम करने वाले रिश्तेदारों पर क्या सख्त एक्शन लेते हैं।
Cm Mann Order To Ministers And Legislators Do Not Engage Your Near And Relatives As Pa