चंडीगढ़। पंजाब के अकाली दल से पूर्व सीएम परकाश सिंह बादल की और से अपने जनसेवा के 70 साल पूरे करने पर सभी पंजाबियों के लिए एक खुला पत्र नाम से लेटर जारी किया। जिसमें उन्होंने कहा कि पंजाब गुरुओं, पीरों, शहीदों और वीरों की भूमि है। इस भूमि का एक अनूठा, गौरवशाली इतिहास है। पंजाबियों ने हमेशा जुल्म, जुल्म और अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़ी है। इस महान भूमि ने पूरी मानवता को अमन-चैन, भाईचारा और -मानस की जात सभी एक पहचानो- का संदेश दिया है। पंजाबियों ने देश के स्वतंत्रता संग्राम में सबसे बड़ा योगदान दिया। जब इंदिरा गांधी ने आपातकाल लगाकर मानवाधिकारों पर हमला करने की कोशिश की, तो शिरोमणि अकाली दल ने ही इसके खिलाफ मोर्चा खड़ा किया। लेकिन यह बहुत बड़ी त्रासदी है कि इन सबके बावजूद जब अधिकार देने की बात आती है तो हमारे लिए पैमाना बदल जाता है। हमें भी संघर्ष करके राज्य लेना पड़ा, राजधानी अब तक नहीं मिली, हमारी पाई-पाई भी छिन गई। यह भेदभाव आज भी जारी है। अकाल पुरुख की कृपा और आपके भरपूर समर्थन और दुआओं से आज मैंने जनसेवा के 70 साल पूरे कर लिए हैं। मेरी उम्र भी 95 साल के पार हो गई है। पंजाबियों की जायज मांगों के लिए जीवन की बड़ी हिंसा जेलों में कटी। गुरुओं की कृपा से पांच बार बना सीएम गुरुओं की कृपा से उन्हें पांच बार मुख्यमंत्री बनने का सौभाग्य भी प्राप्त हुआ। विनम्रतापूर्वक सेवा की। सभी वर्गों के साथ न्याय करने का प्रयास किया। सभी धर्मों का सम्मान किया। राज्य में शांति और सद्भाव बनाए रखा। इस विरासत-ए-खालसा सहित प्रमुख ऐतिहासिक स्मारकों का निर्माण किया। मेरा पूरा जीवन एक खुली किताब है। मुझे निराशा है के मेरे कार्यकाल में कई बुरी घटनाएं हुई मुझे खेद है कि मुख्यमंत्री के रूप में मेरे कार्यकाल के दौरान कुछ बहुत बुरी और जघन्य घटनाएं हुईं। यह पंजाब की शांति और सांप्रदायिक सद्भाव को भंग करने की गहरी साजिश थी। इसी कड़ी में कानून व्यवस्था की दो घटनाएं भी अचानक घटित हुईं जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण थीं। मैं स्वयं इस बात का समर्थक हूं कि उपरोक्त घटनाओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और सभी दोषियों को अनुकरणीय सजा दी जानी चाहिए। लेकिन अफ़सोस की बात है कि हमारी सरकार के जाने के बाद पहले पांच साल कांग्रेस सरकार और अब आम आदमी पार्टी की सरकार ने इस पर लगातार राजनीति की है। मेरे खिलाफ फांसी लगाकर हत्या करने का किया पर्चा दर्ज इससे बुरी बात और क्या हो सकती है कि वर्तमान मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में दिल्ली से अरविन्द केजरीवाल द्वारा चलाई जा रही सरकार इस हद तक गिर गई है कि मेरे खिलाफ फांसी लगाकर हत्या करने का मामला दर्ज किया है। भगवंत मान की यह हरकत बेहद अनैतिक, लोकतंत्र के लिए बेहद घातक और मुख्यमंत्री के संवैधानिक पद को धूमिल करने की साजिश है। मैं जीवन भर सरकारी जुल्म के खिलाफ लड़ता रहा हूं और 95 साल की उम्र में भी लड़ता रहूंगा। इस तरह के दबाव मुझे कभी नहीं हिला सकते। मुझे न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। मैं सभी पंजाबियों से अपील करता हूं कि यह केस शिरोमणि अकाली दल को कमजोर करने की बड़ी साजिश है।
Former Cm Badal Completed 70 Years Of Public Service Wrote A Sentimental Letter To The People Of Punjab Said That The Actions Of Your Government Are Very Bad