बादल। पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की वीरवार को अंतिम अरदास समागम हुआ है। पैतृक गांव बादल में आयोजित समागम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी पहुंचे। गृह मंत्री ने पहुंचते ही पूर्व सीएम बादल को श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर अमित शाह ने कहा कि बादल साहब के हमारे बीच में न रहने से जो क्षति हुई है, उसे भर पाना मुश्किल है। सिखों ने अपना सिपाही, देश ने भगत खोया है। किसानों ने अपना सच्चा हम दर्द खोया है। 70 साल के सार्वजनिक जीवन के बाद कोई चला जाए और कोई दुश्मन ना हो, यह संभव नहीं। लेकिन प्रकाश सिंह बादल उसकी मिसाल हैं। उन्होंने कहा कि मैं कई बार बादल साहब से मिला। जब भी मिला कुछ सीखने को मिला। मुश्किल समय में उनसे सुझाव लिए। दल दोनों के अलग थे, लेकिन उन्होंने वही सुझाव दिया जो मेरे दल के लिए भी सही था। इतनी पारदर्शिता के साथ सुझाव एक महापुरुष ही दे सकता है। रिकॉर्ड के आधार पर कह सकता हूं, नए पंजाब की नींव उन्हीं ने रखी। पहाड़ की तरह खड़े रहे बड़े बादल अमित शाह ने कहा कि 1970 से आज तक जब भी देश लिए खड़ा होने का मौका आया वो खड़े हुए। सब से लंबा समय जेल में रहकर उन्होंने मिसाल कायम की। इमरजेंसी में वो पहाड़ की तरह खड़े रहे। उनका जाना देश के लिए यह क्षति है। SGPC ने उठाया बंदी सिखों का मुद्दा SGPC प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह ने अंतिम अरदास समारोह में बंदी सिखों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि बादल साहब की एक इच्छा बंदी सिखों को रिहा करवाने की भी थी। आज गृह मंत्री सामने हैं, तो वह इस मुद्दे को उठा रहे हैं। आज उनके पास ताकत है तो उन्हें बंदी सिखों के लिए फैसला लेना चाहिए।
Former Cm Prakash Singh Badals Last Prayer Amit Shah Came To Pay Tribute Said Badal Was The Sardar Of Brotherhood