यशपाल शर्मा, लुधियाना शहर के विभिन्न हिस्सो में चल रही 42 डाइंग इंडस्ट्री को अभी राहत मिलने के लिए ओर लंबा इंजतार करना होगा। इनमें से 30 के करीब डाइंग इंडस्ट्री पंजाब पॉल्यूशन कंट्राेल बोर्ड के नोटिस व सुनवाई के बाद बंद तक कर दी गई हैं। जबकि 12 के करीब डाइंग इंडस्ट्री की सुनवाई पीपीसीबी के चेयरमैन व मैंबर सेक्रेटरी के पास सुनवाई को विचाराधीन हैं। इस मामले में डाइंग कारोबारियों का एक प्रतिनिधमंडल लुधियाना वेस्ट के विधायक गुरप्रीत गोगी से मिला था और यहीं पर पीपीसीबी के चीफ इंजीनियर प्रदीप गुप्ता अपने स्टाफ को लेकर शामिल हुए थे। इस मीटिंग में चीफ इुंजीनियर प्रदीप गुप्ता का कहना था कि पिछले करीब साढे़ तीन साल से करीब 54 छोटी बड़ी डाइंग इंडस्ट्री से शहर में लगे तीन सीईटीपी के दायरे में नहीं आती को पंजाब सरकार की ओर से लगातार अपने प्लांट जीरो लिक्विड डिस्चार्ज करने या इन्हें शिफट करने को कहा जा रहा था और सरकार ने ऐसी इंडस्ट्री को 31 मार्च 2023 तक का समय दिया था और इसके बाद ये इंडस्ट्री बंद करने का आर्डर जारी कर दिया गया था। अब पीपीसीबी सरकार के उन्हीं आदेशों को अमल में ला रही है। जिसमें से करीब 12 लार्ज स्केल डाइंग व अन्य इंडस्ट्री ने पंजाब सरकार के समक्ष अपना पक्ष रखकर अपनी मियाद को 31 मार्च 2023 तक बढ़ा लिया था, इसलिए वे कोई इंडस्ट्री बंद नहीं की गई। उन्होंने बताया कि कल इस मामले में विधायक गुरप्रीत गोगी व डाइंग कारोबारियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ उनकी मीटिंग हुई थी और इसमें भी सरकार का पूरा पक्ष रखा गया। उन्होंने कहा कि इस मीटिंग में भी डाइंग कारोबारियों ने अपनी प्रपोजल दिए जाने की बात कही है। वे अब अपनी नई प्रपोजल बना कर देंगे, जिसे सरकार के पास भेजा जाएगा और इस पर जो फैसला आएगा, उस मुताबिक आगे काम किया जाएगा। वहीं पीपीसीबी की इस कार्रवाई को विधायक गुरप्रीत गोगी ने तुगलकी फरमान बताया है। उन्होंने कहा कि लुधियाना होजरी इंडस्ट्री के लिए जाना जाता है और ऐसे में इन इंडस्ट्री को बंद नहीं होने दिया जाएगा। पंजाब के मुख्यमंत्री स. भगवंत मान इंडस्ट्री को प्रफुल्लित करना चाहते हैं और ऐसे में इन इंडस्ट्री को बंद करना पूरी तरह से गलत है। इस मीटिंग डाइंग कारोबारी प्रतिनिधमंडल से टीआर मिश्रा सहित अन्य कारोबारी मौजूद थे।
No-Relief-To-42-Dyeing-Industry-First-They-Will-Give-Proposal-Then-Government-Will-Take-Its-Decision-On-This