यशपाल शर्मा, लुधियाना
पूर्व कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशू व उनके नजदीकियों के लिए अगस्त का महीना शुभ नहीं है। ये बात आज इंफोर्समेंट डायरेक्टोरेट की कार्रवाई ने साबित कर दी। पिछले साल 2022 का अगस्त महीना और अब 2023 में यही महीना पूर्व कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशू व उनकी टीम पर भारी पड़ता दिखाई दे रहा है । बीते साल 16 अगस्त को विजिलेंस की ओर से फूड एंड सप्लाई घोटाला मामले में एफआईआर दर्ज की थी और 22 अगस्त की शाम को भारत भूषण आशू की एक सैलून से गिरफ्तारी डाल दी गई थी। अब पूरे 1 साल 1 दिन के बाद फिर से पूर्व मंत्री भारत भूषण आशू पर ईडी की ओर से शिकंजा कसा गया है। लगातार इस मामले में लुधियाना विजिलेंस ब्यूरो और विजिलेंस इकोनामिक विंग से कार्रवाई का पूरा रिकॉर्ड मंगा रही थी। इसके साथ-साथ ईडी की टीम भी अंदर खाते अपनी इंक्वारी में जुटी हुई थी। इसके बाद आज सुबह करीब 7:00 बजे के आसपास एक साथ आशु और उनके करीबियों पर धावा बोला गया। बड़ी बात है कि इस कार्रवाई को करीब 10 घंटे से अधिक समय गुजर चुका है और जो घर में था वह घर में ही है और जो घर के बाहर था वह बाहर ही है। भारत भूषण आशू की पत्नी ममता आशू सुबह घर से मंदिर गई थी और उसके बाद घर लौटने पर उसे भी घर में एंट्री नहीं दी गई है। बताया जाता है कि ईडी के आला अफसर कल दिल्ली से जालन्धर आ गए थे और इसके बाद जालंधर और अमृतसर सहित कई अन्य जिलों के ऑफिसर बुला विभिन्न टीमों में आज सुबह इस पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया गया। बात करें फूड सप्लाई डिपार्टमेंट में टेंडर-ट्रांसपोर्ट घोटाले की तो इस पूरे मामले के सूत्रधार आरके सिंगला को विजिलेंस भगौड़ा करार दे चुकी है और उनकी चार प्रॉपर्टीज को भी कब्जे में लेने का नाेटिस चिपकाया जा चुका है। इसके अलावा इस घोटाले की अन्य कड़ियां जिनमें ठेकेदार व सरकारी अफसर शामिल हैं के भी ईडी की टीम दबिश दे चुकी है। जिसके तहत नवांशहर, मुल्लांपुर, होशियारपुर में ये छापमारी चल रही है। बड़ी बात है कि ईडी विजिलेंस से लगातार छह महीने इस पूरे घोटाले का रिकार्ड जुटाती रही है और अगले छह महीने तक ईडी की टीम इंटरनेल जांच के बाद ही अब आशू व उनके नजदीकियों के ठिकानों पर रेड करने पहुंची हैं। जिसमें इनकी बैंक एंट्री, खातों का रिकार्ड, मोबाइल का रिकार्ड व प्रॉपर्टी का रिकार्ड खंगाला जा रहा है।
--- मंत्री आशू के ससुर के घर भी पहुंची ईडी
फूड एंड सप्लाई घोटाले में जिन जिन प्वाइंटस पर विजिलेंस ब्यूरो भीतर तक जांच करने नहीं पहुंची, ईडी की टीम अब वहीं पर अपना निशाने साधे हुए हैं। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि ईडी की टीम मंत्री आशू के ससुर यानि उनकी पत्नी ममत आशू के पारिवारिक सदस्यों के नाम पर ली गई प्रॉपर्टीज का रिकार्ड भी खंगाल रहे हैं। आशू के साथ साथ उनके ससुर के घर भी ईडी पहुंची हुई हैं। वहीं आशू की ओर से शहर के अंदर या शहर से बाहर या विदेश में किस किस के नाम पर प्रॉपर्टी खरीदी है, इसे भी ईडी ने अपना टारगेट पर रखा है। इसके लिए ईडी ये भी वर्क कर रही है कि कौन कौन से आशू के नजदीकी हैं, जिनका विदेश में आना जाना है और उनकी ओर से कौन कौन से प्रॉपर्टी बीते तीन से चार साल में खरीदी गई है।
-August-Is-Heavy-On-Former-Minister-Ashu-And-His-Close-Friends-First-Vigilance-In-This-Month-And-Now-Ed-Grip