लुधियाना। लुधियाना स्थित पीएयू के डॉ. मनमोहन सिंह ऑडिटोरियम में सीएम भगवंत मान की महा डिबेट मैं पंजाब बोलदा हां में कोई भी राजनीतिक पार्टी का आगू शामिल नहीं हुआ। जिसके चलते सीएम भगवंत मान की और से सभी पार्टियों के कार्यकाल के दौरान की पंजाब के साथ धोखेबाजी के कच्चे चिट्ठे खोले गए। हालाकि पहले तो कहा गया था कि आम जनता को डिबेट में शामिल किया जाएगा, जबकि आप पार्टी के नेता व वर्कर शामिल नहीं होंगे। लेकिन डिबेट के दौरान आप पार्टी के मंत्री, लुधियाना के सभी विधायक, विधायकों के करीबी आम जनता के लिए रखी कुर्सियों पर बैठे नजर आए।
वहीं डिबेट में सभी पार्टी के आगूओं की कुर्सियां खाली रही। जिसमें जिनमें कांग्रेस के पंजाब प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, पंजाब विधानसभा में विपक्षी दल कांग्रेस के नेता प्रताप सिंह बाजवा, अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल और भाजपा के पंजाब अध्यक्ष सुनील जाखड़ शामिल हैं। इन चारों के लिए ऑडिटोरियम में कुर्सियां भी लगाई गई। हालांकि इनमें से कोई भी डिबेट में नहीं आया। यहां लगी 5 कुर्सियों में से एक पर सिर्फ भगवंत मान बैठे। सीएम मान ने कहा- इन खाली कुर्सियों का क्या करें। ऐसी डिबेट के लिए न्योता देना जिगर का काम होता है। पहली बार ये सभी पार्टियां सत्ता से बाहर हैं। इनसे सवाल पूछना बनता है। अगर मैं कुछ गलत करूंगा तो 20 साल बाद अगली पीढ़ी मुझसे पूछेगी कि ये क्या किया।
सीएम ने एसवाईएल का बताया मुद्दा
सीएम भगवंत मान ने पहले पांच मुद्दे एसवाईएल, ट्रांसपोर्ट, पंजाब पर कर्जा, रोजगार व इंडस्ट्री निवेश पांच मुद्दों पर विपक्षी दलों को घेरा। इसके बाद आप के फ्यूचर प्लान बताने शुरू किए। सीएम ने पहला मुद्दा एसवाईएल का उठाया। जिसकी वह बकायदा स्लाइड बनाकर लाए। जिसमें अभी तक के एसवाईएल को लेकर लिए गए फैसलों की बात की गई है। वहीं, पंजाब मुद्दों पर एक बुकलेट भी छपवाई है। सीएम ने कहा कि आज तक आप सरकार एसवाईएल के मुद्दे पर तीन बार सुप्रीम कोर्ट गई है। उन्होंने एक बार भी कोई हलफनामा दाखिल नहीं किया, बल्कि उर्जा मंत्री शेखावत से मिलने पहुंचे थे और एसवाईएल का पानी देने से मना किया। उन्होंने केंद्रीय मंत्री शेखावत को सुझाव दिया कि इस सतलुज यमुना नहर को यमुना सतलुज नहर (वाईएसएल) बना दिया जाए। सतलुज में अब पानी नहीं बचा। यमुना में अभी भी पानी है और उस पानी को हरियाणा और पंजाब को दिया जाए।
पूर्व CM चन्नी को डिबेट में जाने से रोका
वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने डिबेट में आने की बात कही थी। फोन पर बातचीत में पूर्व सीएम चन्नी ने बताया कि वह डिबेट के लिए आ रहे थे। लेकिन उन्हें लुधियाना एंट्री नहीं दी गई और उनके काफिले को वापस लौटा दिया गया।
Sukhbir-Jakhar-Bajwa-Waring-Did-Not-Attend-Ludhiana-Debate-Cm-Mann-Opened-The-Raw-Letters-Of-Old-Governments-Aap-Leaders-And-Workers-Participated-In-The-Debate