चंडीगढ़। पंजाब सरकार ने प्रदर्शनकारी कर्मचारियों और किसानों के साथ बातचीत के लिए 22 नवंबर को बैठक बुला ली है। यह बैठक कैबिनेट की सब-कमेटी करेगी जिसका नेतृत्व वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा करेंगे। किसानों ने 11 नवंबर को ही ऐलान किया था कि वह अपनी पेंडिंग मांगों को लेकर 26 नवंबर को दोबारा चंडीगढ़ कूच करेंगे। भारतीय किसान यूनियन (पक्खोवाल) ने 32 संगठनों के सथ मिलकर 300 ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर चंडीगढ़ पहुंचने का ऐलान किया था। यूनियन के प्रदेश प्रधान हरिंदर सिंह लक्खोवाल और सरपरस्त अवतार सिंह मेहलों ने लुधियाना में मीटिंग के बाद कहा था कि वह तीन दिन चंडीगढ़ का घेराव करेंगे। इस ऐलान के 48 घंटे के अंदर सरकार किसानों को बातचीत के लिए तैयार हो गई है।
सभी यूनियनों को एक दिन बुलाया
कैबिनेट की सब-कमेटी ने सभी यूनियनों को एक ही दिन बुलाया है, लेकिन सभी के लिए मुलाकात का समय अलग-अलग रखा गया है। यह बैठक पंजाब भवन चंडीगढ़ में होगी। पंजाब सरकार ने समन्वय समिति के साथ बैठक के बाद यह फैसला लिया है। सबसे पहले कैबिनेट सब कमेटी सुबह 11 बजे CPF कर्मचारी यूनियन पंजाब के साथ बैठक करेगी। इसके बाद सुबह 11.30 बजे डेमोक्रेटिक फॉरेस्ट इंप्लाइज यूनियन पंजाब, दोपहर 12 बजे ऑफिस इंप्लाइज यूनियन पंजाब को सिर्फ 15 मिनट का समय दिया जाएगा। इसके बाद दोपहर 12.15 बजे कंप्यूटर टीचर्स यूनियन पंजाब की बैठक होगी। फिर किसान संगठनों के साथ बैठक बुलाई गई है। दोपहर 12.30 बजे भारतीय किसान यूनियन डल्लेवाल के साथ कैबिनेट सब कमेटी की बैठक होगी।
यूनियनों की मांगें
- ऑफिस इंप्लाइज यूनियन पंजाब ने मांग की कि अधीक्षकों को पदोन्नत किया जाए, सीनियर सहायकों को पदोन्नत किया जाए, डीसी ऑफिस में नियमानुसार नई भर्तियां की जाएं, ऑफिस कर्मचारियों को टोल प्लाजा से छूट दी जाए।
- डेमोक्रेटिक फॉरेस्ट इंप्लाइज यूनियन पंजाब की मांग है कि पंजाब के कच्चे, ठेका और दिहाड़ी मजदूरों को पक्का किया जाए। 15वें अंतर्राष्ट्रीय श्रम सम्मेलन के निर्णय के अनुसार, वरिष्ठता सूची में प्रति माह 26 दिन के स्थान पर 30 दिन की गणना की जानी चाहिए। सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ाकर 60 वर्ष की जाए।
- CPF कर्मचारी यूनियन पंजाब की मांग है कि पुरानी पेंशन स्कीम बहाल की जाए। ग्रेच्युटी, अनुग्रह राशि, पारिवारिक पेंशन, चिकित्सा भत्ता, चिकित्सा दावा सुविधा प्रदान की जाए। 40 साल की सेवा करने वालों को पेंशन का हकदार होना चाहिए।
- कंप्यूटर टीचर्स यूनियन पंजाब की मुख्य मांगें वेतन, पेंशन और ट्रांसफर को लेकर हैं। इन्हें प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाना चाहिए।
- भारतीय किसान यूनियन डल्लेवाल की मांग है कि किसानों को सभी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) दिया जाए। खराब हुई धान की फसल का मुआवजा दिया जाए। पराली का प्रबंधन सरकार को करना चाहिए।
Punjab-Government-Calls-Meeting-Of-Employees-Farmers-Subcommittee-Will-Talk-To-5-Unions-On-22nd-Meeting-Called-Within-48-Hours-Of-Announcement-Of-Farmers-March-To-Chandigarh