यशपाल शर्मा, लुधियाना। जहां एक ओर पंजाब सरकार की ओर से भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करने के दावे किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ इसी सरकार के कार्यकाल में एक हैरानी जनक नियुक्ति पंजाब स्मॉल इंडस्ट्रीज एंड एक्सपोर्ट कारपोरेशन में देखने को मिली है। यहां पर एक ऐसे अधिकारी को चीफ इंजीनियर की कुर्सी पर बिठा दिया गया है, जिसने इसी डिपार्टमेंट में एसई के पद पर रहते एक कांट्रेक्टर को फायदा पहुंचाने को सरकारी खजाने को करीब 80 लाख रुपए की चपत लगा दी थी। ये अधिकारी हैं पीडलब्यूडी में बतौर एसई पद पर तैनात अर्शदीप सिंह, जिन्हें कुछ महीनें पहले ही डेपुटेशन पर पीएसआईईसी में बतौर चीफ इंजीनियर के पद पर लगाया गया है। करीब छह साल पहले इन्हीं अर्शदीप सिंह ने सरकारी खजाने को मोटी चपत लगाई थी। जिसे लेकर तत्कालीन पीएसआईईसी के एमडी राहुल भंडारी आईएएस की ओर से पंजाब पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट के सेक्रेटरी हुसन लाल आईएएस को इस संबंधी बेहद सख्त शब्दों में पत्र लिख अर्शदीप सिंह का कच्चा चिटठा खोला था और इसमें साफ शब्दों में लिखा था कि रिश्वतखोरी के मंतव्य से सरकारी खजाने को बड़ा नुकसान पहुंचाया गया है और इस मामले में अर्शदीप सिंह पर अनुशात्मक कार्रवाई करनी बनती है। अब ये पूरा मामला हाईकोर्ट में पेंडिंग हैं और ऐसे में उन्हें चीफ इंजीनियर के अहम पद पर लाए जाने से साफ है कि वे हाईकोर्ट में इस केस को प्रभावित करने में कोई कमी नहीं छोड़ेंगे। -------- जानें, कैसे पहुंचाया एक कांट्रेक्टर को 80 लाख का फायदा पीएसआईईसी की ओर से कांट्रेक्टर संधू बिल्डर्स काे मोहाली फेस 70 स्थित आरएसआईसी में रैंप की कंस्ट्रक्शन और अंडरग्राउंड स्टोरेज टैंक की कंक्रीट पैवमेंट बनाने का कांट्रेक्ट दिया था। इस काम में कंपनी ने मुआवजे के लिए आर्बिटेशन में अपना केस लगाया था। पीएसआईईसी में साल 2016 बतौर सुपरिटेंडेंट इंजीनियर रहते अर्शदीप सिंह ने कांट्रेक्टर मैसेर्ज संधू बिल्डर्स से संबंधित दो अर्बिट्रेशन मामलों में हैरानी जनक फैसले देते हुए उक्त ठेका कंपनी को करीब 80 लाख रुपए का फायदा देने के आरोप हैं। इन दोनों अर्बिट्रेशन में अर्शदीप सिंह ही अर्बिट्रेटर के पद पर थे और उन्होंने कारपोरेशन की सभी सबमिशन को दरकिनार कर नियमों के उल्ट जा संधू बिल्डर्स के हक में इन केस में फैसले दे दिए थे। हालांकि ये सब फैसले उन्होंने पीएसआईईसी से ट्रांसफर होने से ठीक पहले सुनाए। जिसे लेकर पीएसआईईसी के तत्कालीन एमडी राहुल भंड़ारी की ओर से अगली अनुशात्मक कारवाई की पूरी भूमिका तैयार की थी और कार्रवाई को एक लंबा चौड़ा शिकायत पत्र तत्कालीन आईएएस हुसन लाल को भेजा था। -------------------- इस मामले की मेरे पास पूरी जानकारी नहीं है और इस पर कमेंट भी हमारे एमड़ी की ओर से किया जा सकता है। रुबिंदरजीत सिंह, एएमड़ी पीएसआईईसी -------------- ये पूरा मामला मेरे आने से पहले का है। इस संबंधी रिकार्ड चैक करने के बाद ही कुछ कमेंट कर सकती है। बलदीप कौर, आईएएस व एमडी पीएसआईईसी
Cheating-The-Tainted-Officer-Who-Caused-Loss-Of-Lakhs-To-Psiec-Was-Appointed-Chief-Engineer