चंडीगढ़। शिरोमणि अकाली दल (संयुक्त) की घर वापसी यानी अकाली दल में शामिल होने से पहले पार्टी अपने सभी जिलों के नेताओं और समर्थकों की राय जानेगी। इसके लिए शिरोमणि अकाली दल (संयुक्त) के फाउंडर सुखदेव सिंह ढींढसा की अगुआई में एक कमेटी बनाई गई है, जो कि सभी नेताओं से इस मुद्दे पर मंथन कर राय लेगी। इसके बाद कमेटी जो फैसला लेगी, वह सभी को मंजूर होगा। आने वाले 2 हफ्तों में सारी तस्वीर साफ हो जाएगी। शनिवार को इसी मामले को लेकर मोहाली में सुखदेव सिंह ढींढसा की अगुवाई में पार्टी के सीनियर नेताओं की बैठक हुई। मीटिंग में पार्टी के हर नेता ने शिरोमणि अकाली दल के साथ एक मंच पर आने के मुद्दे पर अपनी राय रखी। उन्होंने इससे पार्टी को होने वाले नफे नुकसान के बारे में विस्तार से बताया। मीटिंग के बाद परमिंदर सिंह ढींढसा ने कहा कि मीटिंग में एक कमेटी बनाने का फैसला लिया है, जोकि पार्टी के अगले फैसले संबंधी लीडरशिप के सुझाव लेगी। वहीं, कमेटी जो फैसला लेगी, वह सभी को मंजूर होगी।
कहा- बंदी सिखों की रिहाई के लिए सोचे केंद्र सरकार
परमिंदर सिंह ढींढसा ने कहा कि अकाली दल बादल से गठजोड़ की संभावना के बारे अभी तक कुछ नहीं कहा जा सकता है। सारी लीडरशिप की फीडबैक लेने के बाद ही अगली कार्रवाई की जाएगी। जब पत्रकारों ने उनसे देश के केंद्रीय गृहमंत्री द्वारा द्वारा दिए गए बयान पर सवाल किया तो उन्होंने कहा कि बंदी सिखों को रिहा करने के लिए केंद्र सरकार को कोई बीच का रास्ता निकालना चाहिए।
इस बात ने दोनों दलों को करीब लाने में की थी मदद
कुछ दिन पहले अकाली दल के 103वें स्थापना दिवस पर अध्यक्ष सुखबीर बादल ने रूठे अकाली नेताओं को वापस पार्टी में आने की अपील की थी। जिसके बाद सुखदेव ढींढसा ने संकेत दिए हैं कि उनकी दोबारा वापसी हो सकती है, लेकिन स्पष्ट कहा कि पार्टी सदस्यों की रजामंदी के बिना ये संभव नहीं। इसके बाद उन्होंने यह मीटिंग बुलाई थी। उन्होंने करीब चार साल पहले अकाली दल बाद से अलग राह चुनी थी और अपनी पार्टी बनाई थी। उनकी पार्टी का भारतीय जनता पार्टी के साथ समझौता है।
Dhindsas-Return-To-Sad-Will-Be-Decided-By-The-Committee-Report-Decision-Will-Be-Taken-In-The-Meeting-Of-Akali-Dal-United-Will-Take-Decision-After-Consultation-With-All-The-Leaders