लुधियाना। नगर निगम में इंस्पेक्टर व निगम कर्मचारियों पर बोगस बैंक खातों में चार करोड़ रुपए ट्रांसफर करने का मामला राजनीतिक रंगत पकड़ रहा है। विपक्षी नेता अब इस पर घोटाले पर सरकार को घेरने को उतर गए हैं। पूर्व कांग्रेसी कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु की पत्नी पूर्व पार्षद ममता आशु ने कहा कि 2 साल पहले उन्होंने फर्जी निगम कर्मचारियों के बोगस खातों के मुद्दे को उठाया था, लेकिन उस समय विधायक गुरप्रीत बस्सी गोगी उनसे हाऊस की मीटिंग लड़ पड़े थे। ममता आशु ने कहा कि आज सच्चाई सामने आ गई है। गोगी कह रहे है कि भ्रष्टाचार के मगरमच्छों को पकड़ लिया जाएगा, लेकिन सबसे बड़े मगरमच्छ तो वहीं है। ममता ने कहा कि यदि उस समय गोगी ने उनका साथ दिया होता तो 2 साल पहले ही इस घोटाले का पर्दाफ़ाश हो जाता। ममता ने कहा कि कुछ समय पहले सांसद बिट्टू ने सिटी बसों के चोरी होने का मामला उजागर किया था। आज गोगी उसी सिटी बस को क्लिनिक आन व्हील बनाकर लोगों के बीच ला रहे हैं। गोगी ने जितनी सड़कें बनवाई हैं, सभी टूट रही हैं। गोगी के अपने घर के बाहर की सड़क 10 दिन में टूट गई है। इसलिए भ्रष्टाचार मामले में गोगी सबसे बड़े मगरमच्छ हैं। ममता ने कहा कि निगम कमिश्नर संदीप ऋषी की बदौलत आज इस घोटाले पर जल्द एक्शन लिया गया है। अन्यथा अभी इस घोटाले को उजागर होने में काफी समय लग जाना था। ममता ने पूर्व निगम कमिश्नर शैना अग्रवाल को भी घेरा। उन्होंने कहा कि कमिश्नर यदि उस समय सतर्क रहते हुए इस स्कैम पर एक्शन लेती तो लोगों का पैसा इन फर्जी लोगों की जेब में न जाता। ममता ने कहा कि अभी सिर्फ 10 फीसदी ही घोटाला सामने आया है। जो असल निगम कर्मचारी हैं, उन्हें ओवर-ऐज कहकर बाहर निकाल दिया गया है। कई नई सूचियां बनाकर नौकरियां दी जा रही हैं। जिन लोगों ने 20-25 साल कच्चे मुलाजिम रहते हुए नौकरी की है, उन्हें अनदेखा किया जा रहा है।
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