पिछले करीब 15 साल से कॉलोनाइजर और शिरोमणि अकाली दल के नेता विपन सूद काका पर करोड़ों की प्रॉपर्टी ठगी के आरोप लगाने वाले उनके पुराने दोस्त व कॉलोनाइजर रजनीश ठाकुर को अभी तक लुधियाना पुलिस इंसाफ नहीं दिला पाई है और और अब इस ठगी का इंसाफ लेने को उन्होंने चंडीगढ़ मीडिया का दरवाजा खटखटाया है। कारण यह भी है कि लुधियाना मीडिया में भी उनकी इस शिकायत पर कोई अकाली नेता के खिलाफ लिखने को तैयार नहीं था। चंडीगढ़ में प्रेस कान्फ्रेंस में रजनीश ठाकुर ने मीडिया के सामने कहा कि विपन काका सूद ने फर्जी हस्ताक्षर करके करोड़ों के प्लाट बेचे हैं। राजनीतिक दबाव के चलते पुलिस द्वारा भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। जैसे ही इस मामले में पुलिस किसी नतीजे पर पहुंचती उससे पहले कुछ राजनीतिक नेता इस पूरे विवाद में के बीच पड़ गए और और सेटिंग के चलते पुलिस ने भी यह लिखकर दे दिया कि राजीनामा के चलते उन्हें पुलिस कार्रवाई की जरूरत नहीं है। लेकिन इसके बाद जैसे ही पुलिस इस मामले से हटी तो दोबारा से रजनीश ठाकुर ने इंसाफ की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि राजनीतिक नेताओं ने जानबूझकर उन्हें गुमराह किया और पुलिस कार्रवाई को किनारे कर दिया गया। रजनीश ठाकुर का कहना है कि विपन सूद व सुरेंदर नैयर बिट्टू दोनों हिस्सेदार हैं। ये यह पहले प्रॉपर्टी डीलर के तौर पर उनके साथ जुड़े और बाद में 35% की हिस्सेदारी के तौर पर काम कर रहे थे। इस प्रेस वार्ता में रजनीश ठाकुर कुछ फर्जी हस्ताक्षर किए हुए दस्तावेज भी दिखाए। प्रापर्टी डीलर ठाकुर ने कहा कि इस फ्रॉड, धोखेबाज विपन काका सूद को अकाली दल लोकसभा चुनाव में टिकट देने के बारे में भी चर्चा चल रही है। रजनीश ठाकुर का कहना है कि साल 1999 में पक्खोवाल रोड पर काटे गए फार्म हाउस के दौरान उनसे संपर्क में आए और 35 फीसदी की हिस्सेदारी में उन्होंने कई प्लॉट जिसमें उनका कोई हिस्सा नहीं था उन्हें भी फर्जी साइन कर बेच डाला गया। रजनीश ठाकुर का कहना है कि ऐसे लगभग 10 से 15 प्लॉट है, जिनकी मौजूदा कीमत करोड़ों में है ,को फर्जी साइन कर कर बेचा गया है। ठाकुर का कहना है कि उन पर अब तक दो बार जानलेवा हमले भी करवाए जा चुके हैं और उनके परिवार व पत्नी को जानबूझकर झुठी पुलिस शिकायतें देकर उलझने की भी कोशिश पिछले कुछ सालों में होती रही है। ठाकुर ने ई न्यूज पंजाब के साथ खास बातचीत में बताया कि कुछ महीने पहले विपिन सूद काका पर इनकम टैक्स की भी छापामारी की गई थी और इसका बड़ा कारण काका फैमिली की ओर से हिमाचल प्रदेश में एक होटल चैन को खरीदने के लिए 200 करोड़ की बिड करना था। ठाकुर का कहना है कि ठाकुर का कहना है कि विपन सूद काका और सुरेंद्र नैयर ने हिस्सेदारी के जरिए करोड़ों की प्रॉपर्टी फर्जी ढंग से बनाई है। लेकिन इनकम टैक्स में भी यह मामला अंदर खाते सेटिंग के जरिए दबाया जा रहा है वहीं, अकाली लीडर विपन सूद काका का बयान भी सामने आया है। उन्होंने उक्त लगे सभी आरोपों को सिरे से नकारा है। उन्होंने कहा कि रजनीश ठाकुर ब्लेकमेलर है। जब उससे कोई पैसे मांग लेता है तो वह इस तरह से तंग परेशान करता है। यह इसी तरह के हथकंडे अपनाता है। उन्होंने कहा कि आई.पी.एस. अफसरों द्वारा जांच-पड़ताल की जा चुकी है।विपन काका सूद ने चेतावनी दी है कि अगर रजनीश ठाकुर अपनी हरकतों से बाज नहीं आता है तो वह कोर्ट में इस पर मानहानि का दावा करेंगे।
Akali-Leader-And-Colonizer-Vipan-Sood-Kaka-Accused-Of-Fraud-Worth-Crores