जालंधर | पूर्व CM चरणजीत सिंह चन्नी के जालंधर लोकसभा सीट से दावेदारी ठाेकने के साथ ही कांग्रेस के अंदर चल रही गुटबाजी फिर सामने आ गई है। अब फिल्लौर सीट से कांग्रेस के विधायक व पूर्व सांसद स्व. संतोख सिंह चौधरी के बेटे विक्रमजीत चौधरी ने चीफ व्हिप (मुख्य सचेतक) के पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा सीएलपी नेता प्रताप सिंह बाजवा को भेज दिया है। चर्चा यह भी चल रही है कि वह जल्दी ही पार्टी को अलविदा भी कह सकते हैं। दरअसल जालंधर लोकसभा सीट से 2019 में संतोख चौधरी चुनाव जीते थे। लेकिन जब राहुल गांधी ने भारत जोड़ो यात्रा आयोजित की थी। इस दौरान संतोख चौधरी की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। इसके बाद इस सीट पर हुए उप चुनाव में उनकी पत्नी कर्मजीत कौर उतरी थी, लेकिन उन्हें चुनाव में हार का मुंह देखना पड़ा था। वहीं, इस बार विक्रमजीत सिंह चौधरी भी टिकट की दौड़ में शामिल हैं। वहीं, दिल्ली में सोनिया गांधी से मिलकर भी आए थे। चरणजीत सिंह चन्नी का जालंधर सीट पर इसलिए भी दावा कर रहे हैं कि क्योंकि दोआबा एरिया में ही सबसे अधिक 33 फीसदी दलित वोट है। वह अपने आपको बड़ा दलित नेता पेश करते हैं। उनकी कोशिश यह है कि अगर वह चुनावी मैदान में आते है तो होशियारपुर समेत अन्य सीटों पर पार्टी को फायदा मिल सकता है। इसके लिए चन्नी जोड़तोड़ में भी लगे हुए हैं। हालांकि उनकी सबसे बड़ी कमजोरी विधानसभा चुनाव 2022 में चमकौर साहिब व भदौड़ दोनों सीटों पर मिली हार है।
Congresss-Troubles-Increased-In-Jalandhar-Vikramjit-Chaudhary-Resigned-From-The-Post-Of-Chief-Whip-Factionalism-Of-The-Party-Came-To-The-Fore