लुधियाना। वीरवार को शिरोमणि अकाली दल बादल के नेता विपन सूद काका ने भाजपा की सदस्यता ली है। गुरुवार को भाजपा पंजाब प्रदेश प्रधान सुनील जाखड़ की अध्यक्षता में काका ने भाजपा का दामन थामा है। भाजपा में काका के शामिल होने के दौरान सुनील जाखड़ ने कहा कि सुखबीर सिंह बादल ने सबसे पहले विपन सूद काका को ही उम्मीदवार घोषित किया। मौके के हालात मुताबिक अब विपन सूद काका को सीट न देकर रणजीत सिंह ढिल्लों को सीट दी गई। कांग्रेस की तरह ही अकाली दल भी खाली हो रहा है। सीनियर नेता सुखबीर से किनारा कर रहे है। पंजाब के लोग यह समझ रहे हैं कि खास पार्टी का इलाज सिर्फ बीजेपी है। पंजाब की सभी पार्टियों के नेता वर्करों सहित लगातार भाजपा में शामिल हो रहे है। काका को करीब ढ़ाई वर्ष पहले शिअद प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने लुधियाना से उम्मीदवार घोषित कर दिया था। बातचीत करते हुए काका ने कुछ दिन पहले कहा था कि उन्होंने खुद ही सुखबीर सिंह बादल से कहा है कि उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं रहता इस कारण वह चुनाव नहीं लड़ सकते। लेकिन अब राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि काका चुनाव लड़ने के इच्छुक थे लेकिन उनका टिकट काटा गया है। इसी कारण वह भाजपा के उम्मीदवार रवनीत सिंह बिट्टू का अब समर्थन करेंगे। बता दें करीब 7 महीने पहले विपन सूद काका के घर इनकम टेक्स की रेड भी हो चुकी है। इनकम टेक्स ने होटल डील के किसी मामले में काका के घर रेड की थी। टीम ने उनके कई ठिकानों से कई अहम दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक सामान जब्त किया था। काका सूद के परिजनों से भी पूछताछ की गई है। काका सूद से इस संबंधी बातचीत करनी चाही लेकिन उनका मोबाइल बंद मिला। विपन सूद काका पहले भाजपा में थे। 2016 में भाजपा को छोड़ लोक इंसाफ पार्टी में शामिल हो गए थे। 2017 में विधानसभा चुनाव में लोक इंसाफ पार्टी और आम आदमी पार्टी ने उन्हें हलका सेंट्रल से बतौर प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतारा था। इस चुनाव में वह कांग्रेसी विधायक सुरिंदर डाबर से हार गए थे। काका को 2017 में करीब 25 हजार वोट पड़ी थी।
Big-Blow-To-Sad-In-Ludhiana-Vipan-Sood-Kaka-Joins-Bjp-Was-Upset-Over-Not-Getting-Ticket