संगरुर। पंजाब में कांग्रेस के दो बड़े नेता, शाही शहर पटियाला से धर्मवीर गांधी और कपूरथला के भुलत्थ से संगरूर चुनाव लड़ने पहुंचे सुखपाल खैहरा ने नामांकन प्रक्रिया के दूसरे दिन नॉमिनेशन फाइल किया है। पेशे से किसान सुखपाल खैहरा जहां करोड़ों के मालिक हैं, वहीं धर्मवीर गांधी एक सादे इंसान हैं, जिन्हें ज्वेलरी तक का शौक नहीं है। सुखपाल खैहरा की तरफ से नॉमिनेशन के समय दाखिल किए गए एफिडेविट के अनुसार, उन पर तीन FIR हैं। जिनमें से एक PMLA एक्ट के तहत दर्ज किया गया केस है, जिसमें ED नई दिल्ली ने 27 अक्टूबर 2023 को सुखपाल खैहरा के खिलाफ चालान पेश कर चार्ज फ्रेम करवाए थे। वहीं अन्य IT एक्ट के तहत आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद मोहाली में दर्ज मामला है। वहीं, तीसरा मामला NDPS का है, जिसके कारण वे बीते कुछ महीनों से सुर्खियों में रहे। इसी केस के कारण उन्हें पंजाब की आम आदमी पार्टी की सरकार ने अरेस्ट करवाया था और वे बेल लेकर वापस लौटे थे। इसके साथ ही सुखपाल खैहरा ने इनकम टैक्स विभाग का 90,82,874 रुपए देना है। जिसके रिव्यू के लिए उन्होंने अपील भी लगा रखी है। सुखपाल खैहर ने अपने एफिडेविट में 1.27 करोड़ रुपए कर्जा लेने का जिक्र किया है। जिसमें 1 करोड़ का उन्होंने होम लोन व अन्य दो लोन कारों के लिए उन्होंने लिए हैं। वहीं 1.52 लाख का लोन उन्होंने आगे 15 लोगों को खुद दे रखा है। सुखपाल खैहरा की बात करें तो वह पेशे से किसान हैं और वहीं से एकत्रित पैसों से वे अपना परिवार चला रहे हैं। 2023-24 में उन्हें जहां 17,46,979 रुपए की इनकम हुई, वहीं उन्होंने अपनी पत्नी की 10,36,000 रुपए की आमदनी शो की है। वहीं, अगर पटियाला से कांग्रेस के उम्मीदवार धर्मवीर गांधी की बात करें तो उनकी 1.19 करोड़ की चल और 2.18 करोड़ की अचल संपत्ति है। वहीं, उनके पास 41.75 लाख की पारिवारिक संपत्ति भी है। डॉ. गांधी की पत्नी जगदंबा कौशल भी करोड़पति हैं और उनके पास 4.72 करोड़ की चल-अचल संपत्ति है। इसके अलावा डॉ. गांधी पर एक भी क्रिमिनल केस नहीं है, जो उन्हें बेदाग बनाता है। डॉ. गांधी की बात करें तो उन्हें ज्वैलरी का कोई शौक नहीं है। उनके परिवार के पास 7.80 लाख रुपए की ही ज्वैलरी है, जो उनकी पत्नी के नाम पर है। वहीं, डॉ. गांधी के पास एक इनोवा व एक ह्यूडाई i-20 है। दोनों ही डॉ. गांधी के नाम पर हैं।
3-Firs-Against-Sangrur-Candidate-Sukhpal-Khaira-90-92-Lakh-Income-Tax-To-Be-Paid-Appeal-Pending-Dharamveer-Gandhi-Is-Spotless-Not-Fond-Of-Jewellery