चंडीगढ़। चंडीगढ़ लोकसभा चुनाव में शिरोमणि अकाली दल अब चुनाव नहीं लड़ेगी। शिरोमणि अकाली दल की तरफ से हरजीत सिंह को टिकट दिया गया था। लेकिन पिछले दिनों उन्होंने पार्टी का टिकट वापस लौटा दिया। इसके बाद वह आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए। उन्होंने चंडीगढ़ शिरोमणि अकाली दल की सभी इकाइयों को भी भंग कर दिया है। इस कारण अब चंडीगढ़ में शिरोमणि अकाली दल का कोई नेतृत्व नहीं है। इसी वजह से पार्टी ने यह फैसला लिया है। शिरोमणि अकाली दल की तरफ से चंडीगढ़ में 35 पार्षदों में से वह इकलौते पार्षद थे। उन्हें चंडीगढ़ में शिरोमणि अकाली दल का मजबूत चेहरा बताया जा रहा था। क्योंकि वह पिछले तीन बार से पार्षद का चुनाव जीत चुके हैं। लेकिन उन्होंने पार्टी पर आरोप लगाया कि पार्टी की तरफ से उन्हें सहयोग नहीं किया जा रहा। उन्होंने चुनाव लड़ने से पहले पार्टी से सहयोग की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि वह किसान का बेटा है। वह अकेले चंडीगढ़ में चुनाव नहीं लड़ सकते हैं। इसके लिए उन्होने पार्टी से फंड और पार्टी के सीनियर नेताओं की जरूरत की मांग की थी। लेकिन पार्टी की तरफ से ऐसा नहीं किया गया। शिरोमणि अकाली दल की तरफ से चंडीगढ़ की मेयर रही हरजीत कौर को भी पिछले दिनों पार्टी की तरफ से संजय टंडन का समर्थन करने के आरोप लगाते हुए निष्कासित कर दिया था। लेकिन हरजीत कौर ने अपनी सफाई देते हुए कहा कि वह शिरोमणि अकाली दल के साथ थी। आज भी है और आगे भी रहेगी। वह चंडीगढ़ में 2007 में पार्टी की तरफ से मेयर चुनी गई थी। वह चार बार काउंसलर, दो बार मेयर रह चुकी है। वहीं एक बार उन्हें शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की तरफ से मेंबर भी चुना गया था। उन्होंने कहा कि वह बिना किसी
Sad-Will-Not-Contest-Elections-From-Chandigarh-Harjeet-Singh-Returns-Ticket-Joins-Aam-Aadmi-Party