चंडीगढ़। केंद्र की भाजपा सरकार किसानों को लेकर गंभीर है। 10 सालों में किसानों को फसलों पर MSP बिना किसी रुकावट दे रही है। विरोधी पार्टियों द्वारा किसानों को मोहरा बनाया जा रहा है । यह बात पंजाब भाजपा प्रधान सुनील जाखड़ ने चंडीगढ़ स्थित पंजाब भाजपा मुख्यालय में प्रेस कांफ्रेंस में कहीं। उन्होंने किसानों नेताओं को कहा कि वह बीजेपी का विरोध करें, लेकिन एक पार्टी चुन लें। साथ ही उस पार्टी लिए कुछ करें। उन्होंने किसानों नेताओं को कहा कि वह आम किसानों को बदनाम न करें। किसी के बच्चों को न मरवाए। वह राज्य की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी पर भी जमकर बरसे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी एक की है। चंडीगढ़ में ही देख लो, दोनों एक साथ है। जबकि पंजाब में विजिलेंस डिपार्टमेंट बड़ा भारी है। भगवंत मान विधानसभा में कह देते है कि नीचे देखो, वरना देख लेंगे। हालांकि उन्होंने साफ किया है किसानों के मामले को हल करवाने के लिए वह भी उनके साथ खड़े हैं। भाजपा प्रधान जाखड़ ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों को किसान सम्मान निधि दे रही है। स्कीम में पूरे देश से 11 करोड़ किसान रजिस्ट्रर हुए थे, यह संख्या हर साल बढ़ रही है। जबकि इसमें पंजाब के किसानों की संख्या 23 लाख थी। लेकिन इसमें करीब आठ लाख किसानों को ही स्कीम का फायदा मिल रहा है। अभी तक 15 लाख किसानों को इसका फायदा नहीं मिल रहा है। यह किसान फायदा इसलिए नहीं उठा पा रहे हैं क्योंकि इनकी केवाईसी नहीं हुई। केवाईसी करने की जिम्मेदारी राज्य सरकार की थी। लेकिन सरकार ने यह जिम्मेदारी नहीं उठाई। इस वजह से हर साल 900 करोड़ का नुकसान हो रहा है। जाखड़ ने कहा केंद्र सरकार तय समय पर एमएसपी दे रही है। वहीं, राज्य सरकार एमएसपी पर बोनस क्यों नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि राजस्थान व मध्य प्रदेश सरकार किसानों को बोनस दे रही हैं। इसी तरह उन्होंने कहा कि पंजाब के किसानों ने अगर गेहूं और धान की फसल बिजनी है तो फिर 23 फसलों पर MSP क्या जरूरत है। जाखड़ ने किसान नेताओं को कहा कि अगर आप तीन कानून वापस करवा सकते तो इस दिशा में सरकार को क्यों नहीं घेरते हो। जाखड़ ने आंदोलन को लेकर किसान नेताओं को भी घेरा । उन्होंने आंदोलन को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि किसान अब राजनीतिक हो गए है। जब पैरों में घुंघरू बांध लिए तो नाचने से क्यों डर रहे हो। उन्होंने कहा कि किसान नेता जिन मुद्दों को उठा रहे हैं। उनका हल सड़क और चौराहों पर नहीं होगा। इसके लिए संसद में जाना होगा। उन्होंने किसान नेताओं को पार्टी चुनने की सलाह दी है। उन्होंने किसानों के राजनीतिक होने के कई तथ्य पेश किए।
Jakhars-Challenge-To-Farmer-Leaders-In-Punjab-Bjp-Chief-Said-Opponents-Have-Made-Farmers-Pawns-Congress-And-Aap-Are-One